छपरा

नदियों के सहारे बदलेगी छपरा की तस्वीर, रिवरफ्रंट और स्वच्छता की बड़ी योजना तैयार

शहरी नदी प्रबंधन योजना को अंतिम रूप

छपरा। छपरा शहर की नदियों को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत तैयार की जा रही शहरी नदी प्रबंधन योजना (यूआरएमपी) को अंतिम रूप देने के लिए  बहु-हितधारक बैठक आयोजित की गई। इस योजना के तहत नदी तटों का विकास, बाढ़ सुरक्षा, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देकर छपरा को एक स्वच्छ और सतत शहरी मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है।

बैठक में सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, जबकि छपरा नगर निगम की महापौर, नगर आयुक्त, विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर निगम के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रथम चरण में गंगा बेसिन क्षेत्र के छह शहरों का चयन किया गया है, जिसमें छपरा भी शामिल है। योजना के तकनीकी और संस्थागत क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (एनआईयूए) को सौंपी गई है। एनआईयूए की देखरेख में विशेषज्ञ परामर्शी संस्थाएं छपरा नगर क्षेत्र के लिए विस्तृत शहरी नदी प्रबंधन योजना तैयार कर रही हैं।

नदी तटों के विकास से बदलेगी शहर की तस्वीर

बैठक में नदी तटों के सुनियोजित विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। योजना के तहत नदी किनारे रिवरफ्रंट विकसित करने, विभिन्न गतिविधियों के लिए जोन निर्धारित करने तथा सौंदर्यपरक बाढ़ सुरक्षा दीवार के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल बाढ़ के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि नदी तटों का सौंदर्यीकरण भी होगा और नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

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कचरा और गंदगी रोकने पर रहेगा विशेष जोर

योजना में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा गीले कचरे के विकेंद्रीकृत प्रबंधन की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा फीकल स्लज (मल-मूत्र अपशिष्ट) के वैज्ञानिक निस्तारण एवं प्रसंस्करण के लिए आवश्यक संरचनाओं के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे नदियों में प्रदूषण कम किया जा सके।

केवल निर्माण नहीं, व्यवहार परिवर्तन भी जरूरी

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि नदियों को स्वच्छ और संरक्षित रखने के लिए केवल आधारभूत संरचनाओं का निर्माण पर्याप्त नहीं होगा। नागरिकों में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। इसलिए जन-जागरूकता अभियान और सामुदायिक सहभागिता को योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

सांसद रूडी ने दिए सुझाव

सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल होकर छपरा की भौगोलिक एवं नदी तटीय परिस्थितियों के अनुरूप योजना तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं, पर्यावरणीय चुनौतियों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने का सुझाव दिया।

भविष्य की परियोजनाओं को भी मिलेगा स्थान

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने परामर्शी संस्थाओं को निर्देश दिया कि छपरा नगर क्षेत्र के प्रस्तावित विस्तार को योजना में समुचित रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रस्तावित विकास परियोजनाओं, विशेषकर नदियों के इंटर-लिंकिंग से जुड़ी संभावित योजनाओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और दूरदर्शी योजना तैयार की जाए, ताकि आने वाले वर्षों में भी यह योजना उपयोगी और प्रभावी बनी रहे।

बैठक में प्राप्त सुझावों और तकनीकी बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा के बाद संबंधित एजेंसियों को आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी हितधारकों के सुझावों, स्थानीय जरूरतों और तकनीकी मानकों को समाहित कर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद इसे स्वीकृति और क्रियान्वयन की प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल नदी तटों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, बल्कि छपरा को स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक शहर बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगी।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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