Success Story: इंडिगो एयरलाइन की जॉब छोड़कर छपरा में बनी मुखिया, अब मिलेगा राष्ट्रपति पुरस्कार

छपरा। महिलाएं आजकल देश-दुनिया में अपने काम के बदौलत खास पहचान बना रही हैं. अब एक बार फिर से बिहार की एक महिला अपने बेहतर कार्य के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित की जाएंगी. दरअसल बिहार के छपरा में एमबीए पास मुखिया को इस बार राष्ट्रपति सम्मान मिलेगा. तरैया प्रखंड के डेवढ़ी पंचायत की मुखिया प्रियंका सिंह राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से राष्ट्रपति सम्मानित होने वाली सारण की अकेली मुखिया है. राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार से भारत के राष्ट्रपति आगामी 11 दिसंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मानित करेंगी.
पहले भी मिल चुका सम्मान
बता दें, यह पहला मौका नहीं है जब प्रियंका सिंह को सम्मानित करने के लिए चयनित किया गया है. पिछले दिनों वुमन फ्रेंडली पंचायत के लिए देश भर के चुने गए ग्राम प्रधानों में मुखिया प्रियंका भी शामिल थीं. उन्हें राजस्थान के जयपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंचायती राज के पितामह कहे जाने वाले एसएम विजयानंद ने सम्मानित किया था. राष्ट्रीय समारोह पंचायत से पार्लियामेंट तक के कार्यक्रम में सशक्त महिला जनप्रतिनिधियों में भी इनका चयन किया गया.
इंडिगो की नौकरी छोड़कर बनी मुखिया
वहीं प्रियंका सिंह को पार्लियामेंट के सेंट्रल हाल में भी सम्मानित किया गया. साथ ही पंचायती राज मंत्रालय द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह में होने वाली विशेष परेड में भी शामिल हो चुकी है. प्रियंका ने बिजनेस स्कूल आफ दिल्ली से एमबीए की पढ़ाई की. कोर्स करने के बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा और बाद में इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी मिल गई. वहां से 80 हजार सैलरी की नौकरी छोड़कर ने प्रियंका गांव का रुख किया और पंचायत प्रतिनिधि बनकर महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने में जुट गईं.
ससुर भी थे मुखिया
हालांकि घर वालों को प्रियंका सिंह का यह फैसला थोड़ा अटपटा लगा. लेकिन, बाद में सभी राजी हो गए. उनके ससुर शंभू सिंह लगातार 32 वर्षों तक मुखिया रहे. उनसे प्रेरित होकर प्रियंका भी मुखिया बन कर आज महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं. वहीं अब उन्हें राष्ट्रपति के हाथों सम्मान दिया जाएगा.
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