क्राइमछपरा

Crime News: सारण में अपराध करके बचना अब नामुमकिन! 4258 अपराधी जेल के शिकंजे में, 40 को आजीवन कारावास

बलात्कारियों को 20-20 साल की सजा, हत्या में उम्रकैद

छपरा। सारण में अब अपराध करके बच पाना आसान नहीं है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मजबूत पैरवी के कारण वर्ष 2025 में जनवरी से अबतक 4258 अभियुक्तों को अदालत से सजा दिलाई जा चुकी है। हत्या, बलात्कार, अपहरण जैसे संगीन मामलों से लेकर मधनिषेध और अन्य अपराधों में दोषियों को आजीवन कारावास, कठोर सश्रम कारावास और जुर्माना तक की सजाएँ सुनाई गई हैं।

हत्या से लेकर अपहरण तक अपराधियों को सख्त सजा

सारण एसएसपी डॉ. कुमार आशीष ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर गंभीर मामलों में त्वरित/सामान्य विचारण कराया जा रहा है। इसी क्रम में विभिन्न कांडों में अभियुक्तों को कठोर सजाएँ दिलाई गईं।

पुलिस की मुहिम बनी अपराधियों के लिए खौफ़

वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पुलिस ने बीते महीनों में लगातार अभियान चलाकर वांछित और फरार अपराधियों को पकड़कर जेल भेजा। वहीं गवाहों और पीड़ितों को सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई। इसके नतीजे में 4258 अपराधियों को अदालत से विभिन्न मामलों में दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई है।

विस्तृत आँकड़े:

क्रमांककांड का विवरणसजा का विवरण
01हत्या के 18 कांड39 अभियुक्तों को आजीवन कारावास, 06 अभियुक्तों को 10-10 वर्ष सश्रम कारावास
02बलात्कार एवं पॉक्सो के 09 कांड01 अभियुक्त को आजीवन कारावास, 05 अभियुक्तों को 20-20 वर्ष की कारावास, 04 अभियुक्तों को 14-14 वर्ष सश्रम कारावास, 01 अभियुक्त को 10 वर्ष की कारावास
03मधनिषेध के 05 कांड09 अभियुक्तों को 05-05 एवं 07-07 वर्ष की कारावास, 01 अभियुक्त को 1 लाख अर्थदंड
04आर्म्स एक्ट के 03 कांड03 अभियुक्तों को सजा
05डकैती के 01 कांड03 अभियुक्तों को 07-07 वर्ष की सजा
06अपहरण के 01 कांड05 अभियुक्तों को आजीवन कारावास
07अन्य 3311 कांड4182 अभियुक्तों को कारावास/ जुर्माना/ डांट-फटकार की सजा

पुलिस की प्रतिबद्धता

एसएसपी  का कहना है कि गंभीर कांडों में दोषियों को त्वरित सजा दिलाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का लक्ष्य है कि अपराधियों को शीघ्र न्याय मिले और समाज में अपराध के प्रति भय तथा कानून के प्रति विश्वास और मजबूत हो।

न्याय की राह आसान करने में पुलिस का योगदान

सारण पुलिस ने केस डायरी समय पर कोर्ट में उपलब्ध कराई, अभियोजन पक्ष के साथ तालमेल बढ़ाया और ट्रायल में गवाहों को समय पर हाजिर कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसका परिणाम यह हुआ कि कई पुराने मामले भी तेज़ी से निपटाए गए और अपराधियों को सख्त सजा मिली।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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