छपरा के धर्मनाथ मंदिर चोरी कांड में नया मोड़, आरोपी की रिहाई के लिए थाने पहुंचे सैकड़ों लोगों ने पुलिस पर उठाए सवाल
निर्दोष बताकर आरोपी के समर्थन में उतरे पुजारी और श्रद्धालु

छपरा। सारण के चर्चित और पौराणिक धर्मनाथ मंदिर में हुई चोरी के मामले ने अब नया और संवेदनशील मोड़ ले लिया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवक को निर्दोष बताते हुए सैकड़ों की संख्या में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी, पुजारी और स्थानीय लोग भगवान बाजार थाना पहुंच गए। लोगों ने आरोपी युवक पंकज राय उर्फ बंगा को मंदबुद्धि बताते हुए उसकी तत्काल रिहाई की मांग की और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया, जब पुलिस चोरी के मामले में गिरफ्तार पंकज राय को जेल भेजने की तैयारी कर रही थी। तभी धर्मनाथ मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोग, मंदिर के महंत अखिलेश्वर पर्वत एवं मुख्य पुजारी कृष्ण मोहन तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग भगवान बाजार थाना पहुंचे और थाना प्रभारी से मिलकर अपना पक्ष रखा।
मंदिर परिसर में वर्षों से करता रहा है सेवा
मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय लोगों का कहना है कि पंकज राय पिछले करीब पांच वर्षों से मंदिर परिसर में ही रह रहा है। वह नियमित रूप से मंदिर की साफ-सफाई, पूजन-पाठ और अन्य दैनिक कार्यों में सहयोग करता रहा है। लोगों का दावा है कि पंकज मानसिक रूप से कमजोर है और इस तरह की सुनियोजित चोरी की साजिश रचने या उसे अंजाम देने में सक्षम नहीं है।
साजिश कर पंकज को बनाया गया मोहरा: स्थानीय लोग
स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन का आरोप है कि असली चोरों ने साजिश के तहत पंकज की जैकेट पहनकर चोरी की घटना को अंजाम दिया, जिससे संदेह उसी पर चला गया। उनका कहना है कि पंकज अक्सर मंदिर परिसर में पड़े चढ़ावे के पैसे उठाकर एक जगह इकट्ठा कर देता था, जिसे वह अपना सेवा कार्य समझता था। चोरी की घटना के बाद मंदिर परिसर में पड़े कुछ पैसे उठाने के कारण पुलिस को उस पर शक हुआ और उसे हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस का पक्ष: बरामदगी के आधार पर कार्रवाई
वहीं पुलिस का कहना है कि पंकज राय की इस चोरी में संलिप्तता पाई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से चोरी के 1800 रुपये बरामद किए गए हैं, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और जांच अभी जारी है।
मुख्य पुजारी ने जताई संगठित गिरोह की आशंका
धर्मनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी कृष्ण मोहन तिवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि पंकज राय मंदबुद्धि है और वह इस तरह की बड़ी चोरी को अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने आशंका जताई कि मंदिर चोरी के पीछे किसी संगठित चोर गिरोह का हाथ हो सकता है, जिसने पंकज को मोहरा बनाकर घटना को अंजाम दिया है।
चोरी की घटना से आहत है श्रद्धालु समाज
गौरतलब है कि 17 दिसंबर की रात अज्ञात चोरों ने धर्मनाथ मंदिर परिसर में रखे दानपात्रों को तोड़कर नकदी चोरी कर ली थी। इसके साथ ही मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों पर चढ़ाए गए कई आभूषण भी चोरी हो गए थे। इस घटना से श्रद्धालु समाज में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है, जबकि आरोपी युवक के समर्थन में जनदबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
TechnologyJune 28, 2026Social Media: फेक न्यूज और आपत्तिजनक पोस्ट पर डिजिटल स्ट्राइक, 128 FIR दर्ज, 9 चैनल डिलीट
बिहारJune 27, 2026Rabri Devi Residence: राबड़ी देवी ने सरकारी बंगला खाली करने से पहले विभाग को लिखा पत्र, नए आवास का इंतजार
छपराJune 27, 2026सारण में मछलियों के मातृत्व काल की सुरक्षा के लिए प्रशासन सख्त, 15 अगस्त तक शिकारमाही पर रोक
बिहारJune 27, 2026बिहार में मात्र 1 रूपये में 40 एकड़ जमीन देगी सरकार, निवेशकों के लिए खुला खजाना







