
छपरा। सारण जिले के रिविलगंज प्रखंड के प्रमुख डॉ. राहुल राज ने बिहार में शिक्षक बहाली में डोमिसाइल को प्राथमिकता देने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फैसले को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और इससे रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
डॉ. राहुल राज ने मुख्यमंत्री को इस निर्णय के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि लंबे समय से छात्र संगठन डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग कर रहे थे। सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया है, जिससे छात्र समुदाय में खुशी की लहर है।
उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ने एक बार फिर साबित किया है कि वे बिहार के युवाओं की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं। यह नीति न केवल स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व भी लाएगी।”
डॉ. राहुल राज ने आगे बताया कि 2005 से ही एनडीए सरकार शिक्षा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अब तक लाखों शिक्षकों की नियुक्ति हुई है और यह नई पहल राज्य में बेरोजगारी कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलने से राज्य की शिक्षा प्रणाली को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार होगा। उन्होंने जोड़ा कि एनडीए सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और विधि-व्यवस्था—हर क्षेत्र में बिहार के विकास के लिए निरंतर तत्पर है।
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