छपरा में स्वास्थ्य विभाग चला रहा है “सुमन” कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओं को मुफ्त मिलेगी ये सुविधांए

छपरा। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) योजना से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांझी के सभागार में किया गया। जिसका विधिवत उद्धघाटन सिविल सर्जन डॉ सागर दुलाल सिन्हा ने किया। स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशुओं को अत्यधिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है। जिसके लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व आश्वासन योजना के तहत गर्भवती महिलाओ को प्रसव के 6 महीने बाद तक और बीमार नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिया जाता है।
स्तनपान के दौरान गोपनीयता के साथ- साथ सम्मानजनक देखभाल की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गर्भवती महिलाओं को घर से स्वास्थ्य संस्थानों तक आने और जाने के लिए मुफ्त परिवहन सुविधाएं प्रदान किया जाता है।
गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशुओं का गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुमन योजना का मुख्य उद्देश्य: डीपीएम
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अरविंद कुमार ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) योजना शुरू की गई है। ताकि इस कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को सहूलियत के साथ ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य देखभाल किया जा सके। इस योजना के अंतर्गत सभी गर्भवती महिलाओ और नवजात शिशुओं की जीवन सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती है। क्योंकि भारत सरकार सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) योजना के माध्यम से धात्री माता और नवजात शिशुओं की मृत्यु को आसानी से रोका जा सकें।
स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा पदाधिकारियों का किया गया क्षमता वर्धन: एमओआईसी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मांझी के एमओआईसी डॉ रोहित कुमार ने कहा कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सेवाओं से इनकार के प्रति शून्य सुनिश्चित करना ही सुमन योजना का मुख्य उद्देश्य है। क्योंकि सरकार और स्वास्थ्य विभाग जनता के कल्याण के लिए समय समय पर नई नई योजनाएं लागू करती रहती है जिनका उद्देश्य जरूरतमंदों की सहायता करना होता है। जिसको लेकर जिला स्तरीय सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) योजना को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। ताकि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा पदाधिकारियों का क्षमता वर्धन किया जा सकें। साथ ही प्रसव के समय गर्भवती महिलाओ को अस्पतालों या प्रशिक्षित स्टाफ नर्स की निगरानी में सुरक्षित प्रसव कराया जाए।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराMay 24, 2026सारण में पोखरे में डूबने से छात्र की मौत, अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने पर हंगामा
क्राइमMay 24, 2026Robbery in Saran: सारण में दिनदहाड़े 18 लाख की लूट, हथियारबंद बदमाशों ने स्वर्ण व्यवसायी को बनाया निशाना
क्राइमMay 24, 2026Crime News Saran: ‘हम CBI से हैं…’ कहकर रोकी गाड़ी, फिर कट्टे के बल पर करोड़ों की लूट जैसी वारदात
करियर – शिक्षाMay 24, 2026BPSC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी: मुफ्त में मिलेगी आवासीय कोचिंग की सुविधा







