छपरा के VIP स्कूल में आईजी जयप्रकाश सिंह ने छात्र-छात्राओं को दिया सफलता का टिप्स

छपरा। विवेकानंद इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शिमला के आईजी आईपीएस अधिकारी जय प्रकाश सिंह ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया। इससे पहले संस्थान के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रखंड प्रमुख विपिन कुमार सिंह ने स्वागत अंगवस्त्र और बुके देकर किया। आईजी ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें अपने कर्म और लक्ष्य के प्रति दृढसंकल्पित रहना अति आवश्यक है। विद्यार्थियों में परीक्षा का दबाव कम करने तथा बेहतरीन योग्यता प्राप्त करने के उद्देश्य से सभी छात्र-छात्राओं को अभिप्रेरित और मार्गदर्शित करते हुए कहा कि अध्ययन के प्रति रोचकता और जूनून का होना चाहिए।
परीक्षा के दौरान होने वाली समस्या के समाधान
उन्होंने यह भी बताया कि हमारी रूचि अधिकांशतः नकारात्मक तथ्य में ही होती है, परन्तु इसके विपरीत हमें वही रूचि उन तथ्य में लानी होंगी जिसपर हमारा उज्जवल भविष्य टीका हुआ है। उन्होंने 10वी बोर्ड, 12वी तथा आईआईटी जी नीट आदि की सफलतम तैयारी कैसे करें, इस तथ्य पर भी बच्चो के साथ चर्चा की तथा परीक्षा के दौरान होने वाले समस्या समाधान हेतु भी विचार-विमर्श किया।
उन्होंने विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस संस्थान के बच्चों का प्रयास काबिले तारीफ़ है। विद्यालय के बच्चो ने भी आईजी के महत्वपूर्ण तथ्यो का अवलोकन करते हुए अपने मनत्वयों को उनके समक्ष रखा। उनके प्रेरणादायी बातों ने सभी विद्यार्थियों को आकर्षित कर उनमे एक नया जूनून पैदा कर दिया। सभी में ख़ुशी का माहौल कायम हो गया।।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराMay 27, 2026Chhapra Solar Mela: अपने घर के छत पर लगाइए सोलर, जिंदगी भर पाइए मुफ्त बिजली!
करियर – शिक्षाMay 27, 2026बिहार पुलिस सिपाही भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, 19,838 अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा
क़ृषिMay 27, 2026डिजिटल प्लेटफार्मों पर नकली एवं अपंजीकृत कीटनाशकों की बिक्री पर कृषि विभाग सख्त
क्राइमMay 27, 2026सारण पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 24 घंटे में 51 अपराधी सलाखों के पीछे भेजे गए







