अब इस रेलवे स्टेशन पर QR कोड के माध्यम से यात्री कर सकेंगे किराये का भुगतान

छपरा। वाराणसी मंडल के बनारस रेलवे स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर फेयर रिपीटर में यूपीआई से भुगतान की सुविधा को सफलता पूर्वक प्रारंभ कर दिया गया है। भारतीय रेलवे पर फेयर रिपीटर में क्यू आर कोड की सुविधा उपलब्ध कराने वाला वाराणसी पहला रेल मंडल है। इसके तहत अब पैसेंजर UTS ticket लेते समय UPI से सीधे स्कैन करके पेमेंट कर सकेंगे। इस सुविधा हेतु प्रोग्राम बनाने में (C R I S) रेलवे सूचना प्रणाली संगठन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस सुविधा में रेल यात्री अपने वांछित गंतव्य की सूचना यूटीएस काउंटर पर बतायेगा जिसपर उसके यात्रा विवरण के अनुसार क्यू आर कोड जेनरेट होगा जिसको स्कैन करने के बाद टिकट का फेयर उनके मोबाइल में आ जायेगा जिसे पैसेंजर यूपीआई/बैंकिग ऐप/ई वालेट से भुगतान कर अपना टिकट प्राप्त कर सकता है ।
क्यू आर कोड स्कैन से टिकट बनाने के निम्नलिखित फायदे हैं:
१.यह पूर्णतः Casheless बुकिंग है।
२. यात्रियों को चेंज की परेशानी नहीं होगी।
3. जितना टिकट का अमाउंट है वह ऑटोमेटिकली इसमें दिखाने लगेगा और स्कैन करने के बाद यात्री के मोबाइल में अपने आप fetch हो जाएगा जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शेख रहमान के अनुसार बनारस स्टेशन के सेकेण्ड इन्ट्री पर तीन टिकट काउंटरों पर यह सुविधा प्रदान की गयी है प्रथम इन्ट्री पर निर्माणाधीन सात काउंटरों पर भी यह सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त वाराणसी मंडल के अन्य स्टेशनों यथा वाराणसी सिटी में 8 UTS काउंटरों पर, गाजीपुर सिटी में 7 UTS काउंटरों पर मऊ में 6 UTS काउंटरों पर, आजमगढ़ में 6 UTS काउंटरों पर, बलिया में 6 UTS काउंटरों पर, सीवान में 6 UTS काउंटरों पर,मैरवां में 2 UTS काउंटरों पर, कप्तानगंज में 2 UTS काउंटरों पर, देवरिया सदर में 6 UTS काउंटरों पर, बेल्थरा रोड में 5 UTS काउंटरों पर, सलेमपुर में 5 UTS काउंटरों पर, भटनी में 5 UTS काउंटरों पर,सुरेमनपुर में 5 UTS काउंटरों पर तथा थावे में 5 UTS काउंटरों पर भी शीघ्र ही यह सुविधा आरम्भ की जाएगी ।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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