Railway Engine Factory: रेल इंजन कारखाना ने रचा इतिहास, 8 वर्षों में 2500 इलेक्ट्रिक इंजन बनकर तैयार
आधुनिक तकनीक से सुसज्जित WAP-7 इंजन राष्ट्र को समर्पित

रेलवे डेस्क। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने तकनीकी उत्कृष्टता और नवाचार के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर पार करते हुए 2500वें विद्युत रेल इंजन का सफलतापूर्वक निर्माण कर उसे राष्ट्र को समर्पित किया। इस ऐतिहासिक लोकोमोटिव का लोकार्पण महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने हर्षोल्लास के साथ बरेका परिसर में किया।
इस अवसर पर नेशनल प्रेस पार्टी के 44 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारी निदेशक (सूचना एवं प्रचार) दिलीप कुमार के नेतृत्व में बरेका का दौरा किया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘हॉल ऑफ फेम’ में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण से हुई, जिसमें बरेका के गौरवशाली निर्माण इतिहास, निर्यात उपलब्धियों, स्वदेशीकरण, हरित ऊर्जा प्रयासों एवं तकनीकी नवाचारों को रेखांकित किया गया।
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प्रत्यक्ष अवलोकन: निर्माण प्रक्रिया से जुड़ाव
प्रतिनिधिमंडल ने बरेका की अत्याधुनिक कर्मशालाओं का दौरा कर लोकोमोटिव निर्माण प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। यह भ्रमण तकनीकी और औद्योगिक क्षमता का जीवंत प्रमाण बना।
गर्व और समर्पण का प्रतीक बना 2500वां इंजन
महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने बरेका की महिला कार्यबल – अनिता देवी (फिटर), श्रुति श्रीवास्तव (सहायक), मो. निजामुद्दीन (एसएसई), और कृष्ण कुमार (एमसीएम) के साथ मिलकर 2500वें विद्युत इंजन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह क्षण महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में सहभागिता का प्रतीक बन गया।
इस दौरान प्रमुख विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारी परिषद के सदस्यों और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक अवसर को और भी भव्य बना दिया।
आठ वर्षों में 2500 विद्युत लोकोमोटिव: बरेका की ताकत
2017 में केवल दो विद्युत इंजनों के निर्माण से शुरू हुई यह यात्रा 2025 में 2500वें विद्युत लोको तक पहुंच चुकी है। यह उपलब्धि बरेका की उत्पादन क्षमता, नवाचार, प्रतिबद्धता और तकनीकी दक्षता का जीवंत प्रमाण है।
अब तक बरेका द्वारा बनाए गए कुल 10,822 लोकोमोटिव में शामिल हैं:
- 7498 डीजल इंजन
- 2500 विद्युत इंजन
- 641 गैर-रेलवे ग्राहकों हेतु डीजल इंजन
- 174 निर्यातित डीजल इंजन
- 1 ड्यूल ट्रैक्शन इंजन
- 8 कन्वर्जन इंजन
वित्तीय वर्ष 2024-25 में बरेका ने रिकॉर्ड 472 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का निर्माण कर ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक मजबूत कदम उठाया है।
WAP-7: आधुनिक तकनीक का प्रतीक
2500वां इंजन अत्याधुनिक WAP-7 श्रेणी का है, जिसमें 6000 HP की शक्ति, वातानुकूलित कैब, रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग, और 140 किमी/घंटा की गति क्षमता जैसी विशेषताएं शामिल हैं। यह इंजन दक्षिण पश्चिम रेलवे के कृष्णराजपुरम शेड को भेजा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय पहचान को मिल रही मजबूती
बरेका की वैश्विक पहचान भी तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में मोज़ाम्बिक रेलवे ने बरेका को 10 डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का ऑर्डर दिया, जिनमें से दो इंजन जून 2025 में भेजे जा चुके हैं। शेष आठ इंजन दिसंबर 2025 तक आपूर्ति किए जाएंगे।
गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया आयोजन का महत्व
इस कार्यक्रम में बरेका के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर विनोद कुमार शुक्ल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवेश कुमार, महानिरीक्षक सह प्रमुख मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, मुख्य विद्युत इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य अभिकल्प इंजीनियर (विद्युत) अनुराग कुमार गुप्ता, उप महाप्रबंधक एवं मुख्य जन संपर्क अधिकारी अनुज कटियार, और जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार शामिल रहे।
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बरेका की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल भारतीय रेलवे के औद्योगिक भविष्य को दिशा देती है, बल्कि यह तकनीकी आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की बढ़ती भूमिका का भी सशक्त उदाहरण है। यह लोकार्पण समारोह आने वाले समय में नए कीर्तिमान गढ़ने की प्रेरणा देता है।