छपरा में जुगाड़ टेक्नोलॉजी से चल रहा है रेलवे का फाटक, बड़ी दुघर्टना की आशंका

छपरा। देश में लगातार ट्रेन हादसे हो रहें है। जिससे अब ट्रेनों में यात्रा के दौरान यात्रियों में डर सताने लगा है। लेकिन बड़ा सवाल है कि क्या इन रेल दुघर्टनाओं से रेलवे सबक ले रहा है? कई बार ऐसी तस्वीरें सामने आती है जिससे रेलवे के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा होता है। एक ऐसा हीं तस्वीर पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के छपरा जंक्शन के पूरब जगदग कॉलेज ढाला रेलवे फाटक का। जहां जुगाड़ टेक्नोलॉजी से रेलवे का फाटक चल रहा है। दरअसल जगदम कॉलेज ढाला का रेलवे फाटक टूट चुका है। लेकिन रेल कर्मियो के द्वारा बांस के सहारे बांध इसे चलाया जा रहा है। यह ढाला का व्यस्तम है। यहां से प्रतिदिन हजारों गाड़िया गुजरती है। कभी भी फाटक का टूट हुआ हिस्सा गिर सकता है जिससे बड़ी घटना हो सकती है।
रेलवे फाटक पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
जगदम कॉलेज ढाला रेलवे फाटक पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस फाटक का एक हिस्सा टूट चुका है, जिसे वर्तमान में बांस की मदद से बंधा गया है, एक तरह का जुगाड़ टेक्नोलॉजी प्रयोग कर इसे चलाया जा रहा है।
प्रतिदिन हजारों गाड़ियां गुजरती हैं
यह रेलवे फाटक व्यस्ततम मार्गों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों गाड़ियां गुजरती हैं। टूटे हुए फाटक के गिरने का जोखिम हमेशा बना रहता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने इस व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जताई है और रेलवे विभाग से तत्काल सुधार की मांग की है।
सवाल यह है कि क्या रेलवे विभाग इस गंभीर स्थिति को नजरअंदाज कर रहा है या सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठा रहा है? यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे को जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना होगा।
यह मामला रेलवे के पुराने ढांचे और मरम्मत के अस्थायी उपायों पर गंभीर सवाल उठाता है। रेलवे विभाग को चाहिए कि वह इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले और यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता दे। केवल जुगाड़ टेक्नोलॉजी पर निर्भर रहना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि इसे तुरंत और ठोस उपायों से सही करने की आवश्यकता है।
रेलवे विभाग को चाहिए कि वह इस स्थिति की गंभीरता को समझे और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए नियमित निरीक्षण और उचित मरम्मत प्रक्रिया को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न उठें और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Author Profile

Latest entries
बिहारMay 30, 2026NFHS-6 Survey Report: बिहार में ‘डबल हेल्थ संकट’! गांव में कुपोषण, शहरों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा
छपराMay 30, 2026सारण में बनेंगे 13 नये प्रखंड कार्यालय, सोलर-लिफ्ट-जनरेटर से लैस होंगे नए भवन
करियर – शिक्षाMay 29, 2026अब प्राइवेट स्कूलों की नहीं चलेगी मनमानी, जांंच के लिए जुलाई में चलेगा सघन अभियान
छपराMay 27, 2026Chhapra Solar Mela: अपने घर के छत पर लगाइए सोलर, जिंदगी भर पाइए मुफ्त बिजली!



