Vande Bharat: रेलवे ने 7 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में बढ़ायी कोचों की संख्या, यात्रियों को मिलेगी ज्यादा सीटें
वंदे भारत एक्सप्रेस की बढ़ती डिमांड

रेलवे डेस्क। भारतीय रेल ने त्योहारों के मौसम और लगातार बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। अब देश के व्यस्त मार्गों पर चलने वाली 7 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की क्षमता को बढ़ा दिया गया है। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को ज्यादा सीटें मिलेंगी और लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस आज देशभर में अपनी आधुनिक तकनीक, आरामदायक यात्रा, और समयबद्ध सेवा के कारण यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है। यही वजह है कि इन ट्रेनों में लगातार 100% से अधिक ऑक्युपेंसी दर्ज की जा रही है।
फैसले का आधार
रेल मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समीक्षा और यात्रा भार (ऑक्युपेंसी) के आंकड़ों के आधार पर यह निर्णय लिया है।16 कोच वाली 3 वंदे भारत ट्रेनों को 20 कोच में बदला जाएगा। 08 कोच वाली 4 वंदे भारत ट्रेनों को 16 कोच में अपग्रेड किया जाएगा। इस बदलाव के बाद रेलवे के पास 3 नई 20 कोच वाली रेक्स और 4 अपग्रेडेड 16 कोच वाली रेक्स उपलब्ध होंगी।
16 से बढ़कर 20 कोच वाली ट्रेनें
- मंगलुरू सेन्ट्रल – तिरुवनंतपुरम सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस (20631/32)
- सिकंदराबाद – तिरूपति वंदे भारत एक्सप्रेस (20701/02)
- चेन्नै एषुंबूर – तिरूनेलवेलि वंदे भारत एक्सप्रेस (20665/66)
8 से बढ़कर 16 कोच वाली ट्रेनें
- मदुरै – बेंगलुरू छावनी वंदे भारत एक्सप्रेस (20671/72)
- वाराणसी – देवघर वंदे भारत एक्सप्रेस (22499/00)
- हावड़ा – राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस (20871/72)
- इन्दौर – नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (20911/12)
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
- बढ़ी हुई कोच संख्या के चलते हजारों नई सीटें उपलब्ध होंगी।
- वेटिंग लिस्ट में कमी आएगी, जिससे अंतिम समय में टिकट पाने वालों को सुविधा होगी।
- लंबी दूरी के व्यस्त मार्गों पर सफर और भी आरामदायक और समयबद्ध होगा।
रेलवे का लक्ष्य
रेलवे का कहना है कि यात्रियों के भरोसे और मांग ने वंदे भारत को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है। यह ट्रेन सिर्फ तेज़ी और आधुनिक तकनीक का प्रतीक नहीं रही, बल्कि अब यात्रियों की ज़रूरतों के मुताबिक लगातार अपग्रेड होती सुविधाओं का भी उदाहरण बन चुकी है। यह कदम खासकर दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के यात्रियों को राहत देगा, जहां वंदे भारत ट्रेनों की मांग सबसे अधिक है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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