जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी! 11 सैटेलाइट टाउनशिप में जमीन बिक्री पर लगी पाबंदी खत्म
अब आवास बोर्ड और निवेशकों को बेच सकेंगे अपनी जमीन

Bihar satellite township land sale: बिहार सरकार ने राज्य के हजारों भू-स्वामियों को बड़ी राहत देते हुए पटना समेत 11 शहरों के आसपास प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटा दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद अब संबंधित क्षेत्रों के भूमि मालिक अपनी जमीन बिहार राज्य आवास बोर्ड को बेच सकेंगे, वहीं निवेश परियोजनाओं के लिए भी भूमि हस्तांतरण का रास्ता साफ हो गया है।
अब अपनी जमीन बेच सकेंगे जमीन मालिक
कैबिनेट बैठक में कुल 29 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जिन 11 शहरों के आसपास ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई गई है, वहां पहले भूमि की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया था। अब इस प्रतिबंध को हटाने का निर्णय लिया गया है, जिससे प्रभावित भू-स्वामियों को अपनी जमीन बेचने का अवसर मिलेगा।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, संबंधित भूमि की खरीद-बिक्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा अधिसूचित बिहार रैयती भूमि क्रय नीति-2026 के तहत की जाएगी। इसके माध्यम से बिहार राज्य आवास बोर्ड अपनी विकास योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि का अधिग्रहण कर सकेगा।
इसके साथ ही राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद (SIPB) द्वारा स्वीकृत निवेश परियोजनाओं के लिए भी जमीन की खरीद-बिक्री की अनुमति प्रदान की गई है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराना आसान होगा।
सरकार का मानना है कि इस निर्णय से एक ओर जहां भूमि मालिकों की तत्काल वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति हो सकेगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी एजेंसियों और निवेशकों को भी योजनाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। इससे राज्य में आवासीय विकास, आधारभूत संरचना निर्माण और औद्योगिक निवेश को गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैबिनेट का यह निर्णय बिहार के शहरी विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। साथ ही लंबे समय से अपनी जमीन के उपयोग और बिक्री को लेकर असमंजस में पड़े भू-स्वामियों को भी इससे बड़ी राहत मिलेगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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