मशरक नगर पंचायत में ‘इज्जत घर’ अब तक अधूरा, खुले में शौच को मजबूर नागरिक
नगर पंचायत गठन के तीन साल बाद भी बुनियादी सुविधाएं नहीं

छपरा। सारण जिले के मशरक नगर पंचायत (Masrakh Nagar Panchayat) क्षेत्र में अब तक सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय की व्यवस्था नहीं होने से आम नागरिकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत के गठन को लगभग तीन वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन बुनियादी नागरिक सुविधाएं अब तक जमीन पर नहीं उतर सकी हैं।
छपरा की ANM अंजली केस में नया मोड़: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गैंगरेप के दावे को नकारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर विकास विभाग द्वारा नगर पंचायतों में नागरिक सुविधाओं के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती हैं, बावजूद इसके मशरक नगर पंचायत क्षेत्र में इन योजनाओं का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच पा रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को खुले में शौच के लिए विवश होना पड़ रहा है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों ने बाजार, अस्पताल चौक सहित अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर अविलंब सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय के निर्माण की मांग की है, ताकि महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और आम नागरिकों को राहत मिल सके।
“जहां सोच, वहां शौचालय” मशरक नगर पंचायत में उपहास का विषय
पूर्व मुखिया प्रतिनिधि अमर सिंह ने कहा कि सरकार का नारा “जहां सोच, वहां शौचालय” मशरक नगर पंचायत में उपहास का विषय बन गया है। सरकार द्वारा सामुदायिक शौचालय को “इज्जत घर” नाम दिया गया, लेकिन अब तक इसका निर्माण नहीं होने से लोगों को असुविधा और अपमान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत प्रशासन विकास और स्वच्छता के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट बनाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
मिठाई व्यवसायी दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि बाजार और अस्पताल चौक जैसे सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय नहीं होने से महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है। मजबूरी में उन्हें या तो खुले में जाना पड़ता है या बिना काम किए वापस लौटना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा और सम्मान दोनों प्रभावित होते हैं।
गाड़ियों के टायर हमेशा काले ही क्यों होते हैं? जानिए इसके पीछे छुपा हैरान करने वाला साइंटिफिक कारण
गृहणी बबिता सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 में शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन के एक दशक बाद भी ऐसी स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब नगर पंचायत की उप मुख्य पार्षद एक महिला जनप्रतिनिधि हैं। पूर्व सरपंच बिनोद प्रसाद ने आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो पा रही है।
वहीं, इस मामले में नगर पंचायत के चेयरमैन सोहन महंतों ने बताया कि जल्द ही सार्वजनिक शौचालय के निर्माण के लिए स्थल का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जगह चयन की प्रक्रिया चल रही है और शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- August 22, 2026छपरासारण में जमीन निबंधन की राह होगी आसान! तीन हेल्पडेस्क, फ्लो चार्ट और टीवी स्क्रीन से मिलेगी पूरी जानकारी
- August 21, 2026क्राइमSaran Crime News: सारण में आभूषण व्यवसायी से लूटकांड का खुलासा, पुलिस ने एक बदमाश को दबोचा
- August 21, 2026क्राइमBihar Contract Killers: बिहार में सुपारी किलरों की बनी कुंडली, STF ने 350 से ज्यादा को किया चिन्हित
- August 19, 2026क्राइमChhapra Crime News: रिविलगंज में हथियार के बल पर बाइक लूटने वाले गिरोह का खुलासा, दो गिरफ्तार



