बिहार

Bihar Policemen’s Insurance: ड्यूटी के दौरान शहादत पर मिलेगा 1.50 करोड़, सरकार का बड़ा फैसला

सरकार ने दिया 1.50 करोड़ का आर्थिक सुरक्षा जाल

पटना। अब अगर किसी पुलिसकर्मी की ड्यूटी के दौरान हादसे में मौत होती है तो उसके परिजनों को डेढ़ करोड़ रुपये का बीमा लाभ मिलेगा। यानी बिहार सरकार ड्यूटी पर तैनात हर पुलिसकर्मी के साथ है। इस योजना से साफ है कि बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय न केवल पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं, बल्कि उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी ठोस कदम उठा रहा है।

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अटल पथ पर हुआ था हादसा

दरअसल, कुछ महीने पहले पटना के अटल पथ पर वाहन चेकिंग के दौरान तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आने से एक महिला सिपाही गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे के बाद, उन्हें 1.50 करोड़ रुपये की बीमा राशि दी गई है। यह जानकारी पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई। बताते चलें, बिहार पुलिस के इतिहास में यह पहली बार हुआ है, जब एक महिला सिपाही के परिवार को इस बीमा योजना का लाभ दिया गया है।

बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ा बीमा पैकेज

बिहार पुलिस के सभी रैंक के कर्मियों के वेतन पैकेज का प्रबंध अब बैंक ऑफ बड़ौदा से कर दिया है। इसमें यह खास प्रावधान है कि ड्यूटी के दौरान अगर किसी दुर्घटना में जान चली जाए तो ऐसे पुलिसकर्मी के परिजनों को सीधे डेढ़ करोड़ रुपये का बीमा लाभ मिले। सभी पुलिसकर्मियों का सैलरी खाता भी इसी बैंक में है। जिससे पुलिसकर्मियों के परिवार वालों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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सरकारी मदद के अलावा अलग कोष से भी सहयोग

एडीजी (बजट, अपील एवं कल्याण) डॉ. कमल किशोर सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से दी जाने वाली अनुग्रह राशि, नौकरी और अन्य सुविधाओं के अलावा पुलिस मुख्यालय ने अलग से कई कोष बनाए हैं। इनमें परोपकारी कोष, शिक्षा कोष, स्‍वास्‍थ्‍य कोष और पुलिस सहायता कल्‍याण कोष शामिल हैं। इसके अलावा अनुकंपा भी है। जिसमें अनुकंपा के आधार पर परिवार के सदस्‍य को भी नौकरी देने का प्रवाधान है।

किस कोष का क्‍या है लाभ

कोष का नामसहायता विवरणवर्ष 2025 की मदद
परोपकारी कोषहाल में 53 पुलिसकर्मियों को 6.84 लाख रुपये की मदद53 पुलिसकर्मी – 6.84 लाख रुपये
शिक्षा कोषबच्चों की पढ़ाई में पीजी स्तर तक सहायता (पहले ग्रेजुएट स्तर तक)
स्वास्थ्य कोषगंभीर बीमारियों में आर्थिक मदद
पुलिस सहायता कल्याण कोषअसमय मृत्यु पर सालाना 24 हजार रुपये की आर्थिक सहायता83 परिवार – 32 लाख रुपये

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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