One Nation, One Ration Card: अब बिहार के प्रवासी मजदूरों को जहां रोजगार, वहीं मिलेगा राशन
एक कार्ड, हर स्थान पर पहचान
बिहार डेस्क। बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा “वन नेशन, वन राशन कार्ड” (One Nation, One Ration Card) योजना को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस योजना का सीधा लाभ उन प्रवासी श्रमिकों और गरीब परिवारों को मिल रहा है, जो रोजगार की तलाश में अपने जिले या राज्य से बाहर जाते हैं। अब देश के किसी भी हिस्से में रहकर लाभार्थी अपने राष्ट्रीय राशन कार्ड के जरिए सब्सिडी वाला अनाज प्राप्त कर सकते हैं।
क्या है एक देश एक राशन कार्ड योजना
जैसा कि हम अपने मोबाइल नंबर को पोर्ट कराते हैं, मोबाइल पोर्ट में आपका नंबर नहीं बदलता है और आप देशभर में एक ही नंबर से बात कर सकते हैं। यह योजना उसी तरह से काम करती है। आप किसी भी राज्य से हैं। आपका कार्ड पूरे भारत में किसी भी पते पर बना हो, लेकिन आप जिस भी राज्य में जाएंगे आपका कार्ड उसी राज्य में काम करेगा और आपको आसानी से उसी कार्ड पर राशन मिल जाएगा।
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योजना की मुख्य बातें:
- “एक कार्ड, एक पहचान” — पूरे देश में एक समान राशन कार्ड की सुविधा
- “जहां रोजगार, वहां राशन” — प्रवासी मज़दूरों को राहत
- अब राशन के लिए स्थानीय पते या पंचायत पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं
- डिजिटल व बायोमेट्रिक आधारित वितरण प्रणाली, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो
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प्रवासी मजदूरों को मिला सबसे बड़ा फायदा:
राज्य से बाहर जाकर कार्य कर रहे श्रमिक अब अपने राशन कार्ड का उपयोग करके जिस भी राज्य में हैं वहां के किसी भी पीडीएस दुकान (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) से अपना राशन ले सकते हैं। इससे न केवल भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि आजीविका की अस्थिरता के समय भी राहत मिलती है।
सरकारी बयान:
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से जारी पोस्टर में बताया गया है कि यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक अहम हिस्सा है, और इसके माध्यम से “कोई भूखा न सोए” की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
🌐 कैसे प्राप्त करें सुविधा?
- राशन कार्ड आधार से लिंक होना चाहिए
- परिवार का विवरण डिजिटल रिकॉर्ड में होना चाहिए
- डीलर के पास ई-पॉस मशीन के ज़रिए बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद राशन उपलब्ध होता है
निष्कर्ष:
| One Nation, One Ration Card प्रणाली ने गरीब और प्रवासी नागरिकों को सशक्त और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाई है। यह योजना भोजन, सुरक्षा और गरिमा की गारंटी बनकर उभरी है — खासकर उनके लिए जो रोजगार की तलाश में अपने घर से दूर रहते हैं। |
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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