डायरिया प्रभावित गांवों में जांच के लिए मेडिकल टीम गठित, नियंत्रण में है स्थिति

• सरकारी अस्पताल में सभी आवश्यक दवा उपलब्ध
• बीमार व्यक्तियों की स्थिति में आ रहा है सुधार
• आशा कार्यकर्ताओं को सर्वे करने का दिया गया निर्देश
छपरा,19 अक्टूबर । सारण जिले के मांझी प्रखंड के तीन गांवों में करीब 25 लोगों के डायरिया बीमारी की चपेट में आने का मामला सामने आया है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। मांझी प्रखंड के थाना बाजार, मियापट्टी और मेहंदीगंज गांव में तीन दिनों के अंदर लगभग 25 लोग डायरिया से बीमार हुए हैं । जिनका उपचार सरकारी स्वास्थ्य केंद्र और सदर अस्पताल में किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने बताया कि मामला सामने आने के बाद सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ हीं मांझी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। बीमार सभी व्यक्तियों का इलाज चल रहा है। गांवों में मेडिकल टीम को भेजा गया है। मेडिकल टीम के द्वारा गांव में अन्य लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। इसके साथ हीं ओआरएस पाउडर का वितरण किया जा रहा है। अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह से तैयार है।
आशा कार्यकर्ता करेंगी सर्वे:
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोहित कुमार और स्वास्थ्य प्रबंधक राम मूर्ति ने बताया कि डायरिया प्रभावित गांवों में बीमार अन्य व्यक्तियों की पहचान के लिए मेडिकल टीम लगायी गयी है। साथ हीं आशा कार्यकर्ताओं को भी निर्देश दिया गया है कि घर-घर जाकर सर्वे करें और बीमार व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित कर रिपोर्ट सौंपे। आशा कार्यकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया गया है कि घर-घर जाकर ओआरएस पैकेट का वितरण करें। डायरिया की स्थिति में जीवन रक्षक घोल “ओ.आर.एस” लेना चाहिए। मनुष्य के शरीर में आधे से अधिक मात्रा में पानी होता है। जीवन के लिए शरीर में जल स्तर का संतुलन जरूरी है। डायरिया पीड़ित व्यक्ति के शरीर से पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिसके लिए ओ.आर.एस.की खुराक लेना जरूरी है।
डायरिया होने का कारण:
• खाने-पीने की चीजों में प्रदूषण, उनका बासी या खराब होना
• बच्चों में डायरिया होने की बड़ी वजह स्तनपान के दौरान साफ सफाई नहीं होना
• बाहर का खाना, फास्ट फूड और पैक्ड फूड का इस्तेमाल
• कटे हुए और खुले में रखे फल खाना
• एसी, कूलर वाले कमरे में से सीधे धूप में निकलना
• रोटा वायरस का संक्रमण होना
• धूप से लौटकर आते ही तत्काल पानी पीना
• बच्चों में मिलावटी दूध से
• पाचन शक्ति कमजोर होना, शरीर में पानी की कमी होना
ऐसे करें बचाव
• इससे बचने का सबसे उपयुक्त तरीका साफ पानी पीना है।
• डायरिया में बच्चों को उबला हुआ पानी देना ज्यादा फायदेमंद है।
• बाहर का खाना, फास्ट फूड और पैक्ड फूड का इस्तेमाल से बचें।
• साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
• शौच के बाद अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं।
• पेट में दर्द की समस्या हो तो बिना देर करे चिकित्सक से सलाह लें।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
बिहारMay 30, 2026NFHS-6 Survey Report: बिहार में ‘डबल हेल्थ संकट’! गांव में कुपोषण, शहरों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा
छपराMay 30, 2026सारण में बनेंगे 13 नये प्रखंड कार्यालय, सोलर-लिफ्ट-जनरेटर से लैस होंगे नए भवन
करियर – शिक्षाMay 29, 2026अब प्राइवेट स्कूलों की नहीं चलेगी मनमानी, जांंच के लिए जुलाई में चलेगा सघन अभियान
छपराMay 27, 2026Chhapra Solar Mela: अपने घर के छत पर लगाइए सोलर, जिंदगी भर पाइए मुफ्त बिजली!







