फिल्मी स्टाइल में बाइक से सादे वर्दी में सड़क पर निकले सारण एसपी, अपराधियों की तरह पुलिस को हड़काया

छपरा

छपरा। जिले के मशरक थाना परिसर सहित आसपास के चौक चौराहों पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी हाथ मे पिस्टल लहराते पहुचे बाइक सवार से सहम गए, किसी को कुछ सूझ नही रहा था फिर बाइक सवार ने अपना हेलमेट उतार परिचय पत्र दिखाया तब पुलिसकर्मी सैलूट करने लगे।यह नाटकीय अंदाज पुलिस को अपराधियों से निपटने का जीवन्त डेमो सारण पुलिस कप्तान डॉ गौरव मंगला द्वारा किया गया।सारण एसपी दिन के बारह बजे ले पहले सिविल ड्रेस में दो बाइक पर तीन अन्य अधिकारियों के साथ छपरा से मशरक पहुँचे।महाराण प्रताप चौक पर गस्त में लगे पुलिसकर्मियों को हड़काया वही मोबाइल पर लगे पुलिस कर्मियों पर सख्ती दिखाते हुए मोबाइल ले लिया।फर्राटा भरते हुए बाइक से मशरक थाना पहुँचे ओडी ड्यूटी पर तैनात जमादार विपिन कुमार पर अपराधियों की तरह रिवाल्वर तान दिया, आसपास खड़े लोग इधर उधर भागने लगे।

ओडी ऑफिसर भी सख्ते में आ गए।एसपी ने तुरन्त अपना हेलमेट उतार अपना आईकार्ड दिखाया तब जाकर स्थिति समान्य हुई।मौके पर एसएचओ के फिल्ड में होने की बात ओडी अधिकारी ने बताया।पलक झपकते ही एसपी बाइक से राजपट्टी गोलम्बर पर पहुँच ड्यूटी पर तैनात दारोगा पर पिस्टल ताना, पलक झपकते ही दारोगा ने भी अपनी पिस्टल निकाल तान दिया, तब एसपी ने अपना आईकार्ड दिखाया, दारोगा ने सैलूट दागा और एसपी से शाबासी और पुरस्कार पाया।सारण एसपी ने अपने इस अन्दाज से पुलिस कर्मियों को अपराधियों से इस तरह के अचनाक हमले से बचने का बेहतरीन सीख दिया।जिसकी चर्चा सबकी जुबान पर है।

इस संबंध में सारण के एसपी डॉ गौरव मंगला ने बताया कि सड़क पर पुलिस द्वारा चेकिंग मुस्तैद हो रही है या नही, व थाने पर संतरी की मुस्तैदी जाँच करने करने सिविल में शस्त्र के साथ क्षेत्र में गश्ती की गई। इस दौरान जिस जिस पुलिसकर्मी ने रोककर मुस्तैदी से जाँच किया व पिस्टल पकड़ी उसे पुरस्कृत किया गया। कुल 3 जगह नकद पुरस्कार दिया- नगरा, मशरख व मुफसिल। जहाँ आलस्य दिखा , वहाँ स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है। मशरख में ओडी पदाधिकारी मुस्तैद नही दिखे- इसलिए उन्हें फटकार लगाई गई। वही मशरख के एक सिपाही को मुस्तैदी के लिए पुरस्कृत किया गया।