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जेल की सलाखों के पीछे का हुनर अब बाजार में, कैदियों के उत्पादों का शुभारंभ

खादी मॉल और बिहार संग्रहालय में मिलेंगे बंदियों के बनाए हुए फूड और हस्तशिल्प उत्पाद

पटना। जेल में सजा काट रहे बंदियों के माध्यम से निर्मित उत्पाद अब गांधी मैदान स्थित खादी मॉल और बिहार संग्रहालय में भी मिलेंगे। जिसका उद्घाटन गृह सचिव सह कारा महानिदेशक श्री प्रणव कुमार और बिहार के पूर्व मुख्य सचिव सह बिहार संग्रहालय के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह ने मंगलवार को संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले व्यक्ति को एक सहयोग प्रदान करने की शुरूआत

इस अवसर पर खादी मॉल में मुक्ति नामक प्रोडक्ट का शुभारंभ करते हुए गृह सचिव सह कारा महानिरीक्षक  प्रणव कुमार ने कहा कि कारा के अंदर जो बंदियों के माध्यम से सामाग्रियां उत्पादित की जा रही है उनको यहां शो केसिंग में रखा गया है कि ताकि उसकी बिक्री हो सके। यह समाज के अंतिम पायदान पर रहने वाले व्यक्ति को एक सहयोग प्रदान करने की शुरूआत है।

उन्होंने कहा कि यह सामाग्री पूरी तरह से कारा के अंदर जो काराधीन व्यक्ति है उनके द्वारा निर्मित किया गया है और इसकी शुद्धता भी काफी है। इस प्रोडक्ट को जो भी व्यक्ति खरीदते हैं और इसके माध्यम से जो राशि प्राप्त होती है वह संबंधित काराकर्मी, मेहनत करने वाले बंदी एवं एक हिस्सा पीड़ित परिवार को भी जाती है। है। आने वाले दिनों में इसकी काफी बिक्री होगी और उत्पादन भी और ज्यादा बेहतर होगा। उन्होंने इस कार्य को अंजाम देने वाले अधिकारियों और कर्मियों को भी बधाई दी।

कैदियों द्वारा बना समान अब घर-घर पहुंचेगा

वहीं बिहार के पूर्व मुख्य सचिव सह बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि हमारे जेल के बंदियों द्वारा इतनी खुबसूरत हस्तशिल्प का सामान बनाया गया है जो बिहार संग्रहालय की दुकान में आया है। इसकी गुणवत्ता भी अच्छी है। इस दुकान के माध्यम से वह घर-घर पहुंचेगा।

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि और भी अच्छे उत्पाद यहां आएंगे। बिहार संग्रहालय की दुकान से जो भी सामग्री बिकती है वह लोगों के घर-घर पहुंचती है। इस दुकान से साल में दो करोड़ रुपये के सामानों की बिक्री होती है। यहां से जेल के बंदियों का बनाया हुआ सामान भी अब लोगों के घर तक पहुंचेगा यह मेरी अभिलाषा है।

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इस मौके पर गृह विभाग के अपर सचिव सह निदेशक प्रशासन संजीव जमुआर, डीआईजी सह निदेशक कर्मशाला जवाहर लाल प्रभाकर, संयुक्त सचिव  विनोद कुमार दास, एआईजी हेड वक्वार्टर  राजीव कुमार सिंह, अपर महानिरीक्षक सह बेऊर कारा अधीक्षक नीरज कुमार झा, डीपीआरओ अमन कुमार सहित अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद थे।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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