छपरा में धर्म के फासला को तोड़कर एक-दूसरे के हुए निशा खातून और राजाबाबू

छपरा
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छपरा। छपरा की 20 साल की निशा खातून 23 साल के राजाबाबू को दिल दे बैठी। कोचिंग में पढ़ने के दौरान दोनों की आंखें चार हुई। धीरे -धीरे नजदीकियां बढ़ने लगी। प्यार का इजहार हुआ। धर्म का फासला देख दोनों ने घर से भागने का फैसला किया। 2 महीने पहले दोनों घर से भाग भी गए। इसके बाद पंचायत बुलाई गई। दोनों के परिवार को समझाया गया। परिवार की सहमति से 2 अलग-अलग धर्म के लोग एक हुए।

मंदिर में हिंदू रीति रिवाज के साथ निशा खातून ने राजाबाबू के साथ सात फेरे लिए। शादी के बाद दोनों प्रेमी जोड़े लड़के के घर चले गए। छपरा के गड़खा स्थित शिव मंदिर में सोमवार को दोनों की शादी को देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए। युवक युवती एक ही गांव के बताए जा रहे हैं। राजाबाबू और निशा गड़खा के एक कोचिंग में साथ पढ़ते थे।

 कोचिंग में पढ़ाई के दौरान दोनों एक दूसरे के संपर्क में आए और दोनों को प्रेम हो गया। प्रेम धीरे-धीरे परवान चढ़ने लगा और दोनों एक साथ जीने मरने को तैयार हो गए। सामाजिक और धार्मिक बंधन आड़े आने लगा तो दोनों दो महीने पहले घर से भाग गए।घर से भागने के बाद लड़की पक्ष ने लड़के के घरवालों पर दबाव बनाना शुरू किया। लड़के पर प्राथमिकी दर्ज कराने तक की बात होने लगी। जिसके बाद पंचायत ने दोनों की शादी का प्रस्ताव परिजनों के सामने रखा गया। पंचायत के फैसले को मानते हुए परिजनों के रजामंदी के बाद हिन्दू रीति रिवाज से दोनों की शादी कराई गई।

दो अलग-अलग धर्मों के प्रेमी जोड़ों की शादी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों की पहल पर कराई गई शादी की लोग बड़ाई कर रहे। हालांकि कुछ लोग प्रेमी जोड़ों के फरार होने के बाद लड़की पक्ष द्वारा दबाव में शादी की बात कर रहे हैं। शादी के दौरान लड़के और लड़की दोनों पक्ष के परिजन मौजूद रहे। हिन्दू रीति रिवाज से शादी सम्पन्न होने के दौरान मौजूद महिलाओं द्वारा मांगलिक गीत भी गाया गया।