क्राइमछपरा

छपरा जेल में आधी रात हड़कंप: DM-SSP की छापेमारी में बड़ा खुलासा, कैदी कर रहे थे वार्ड अटेंडेंट का काम

छापेमारी में संदिग्ध नक्शा हुआ बरामद

छपरा। छपरा मंडल कारा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बीती रात औचक छापेमारी की। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में जेल के हर बैरक की गहन तलाशी ली गई और कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं। इस दौरान सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई अहम निर्देश भी दिए गए।

संदिग्ध नक्शा हुआ बरामद

 जिलाधिकारी  वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक  विनीत कुमार के नेतृत्व में मंडल कारा, छपरा में अचानक छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में जेल के सभी बैरकों की बारीकी से जांच की गई। तलाशी के दौरान एक धारदार चम्मच, कुछ कांटी (धातु के नुकीले टुकड़े) तथा हाथ से बनाया गया एक संदिग्ध नक्शा बरामद किया गया, जिसे तत्काल जब्त कर लिया गया।

गंभीर लापरवाही आयी सामने

छापेमारी के दौरान एक गंभीर लापरवाही भी सामने आई। जेल के अस्पताल वार्ड में अटेंडेंट के रूप में तीन ऐसे बंदी कार्यरत पाए गए, जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जेल अधीक्षक को तत्काल तीनों बंदियों को उक्त कार्य से हटाने का निर्देश दिया। साथ ही, उनकी जगह सामान्य प्रकृति के अपराध में संलिप्त ऐसे बंदियों को तैनात करने को कहा गया, जिनका कोई चिकित्सीय इतिहास न हो। इस मामले में जेल अधीक्षक से कारण बताओ स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

सीसीटीवी कैमरों की जांच करने का निर्देश

जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने सभी सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच करने, पावर बैक-अप और मेमोरी बैक-अप सुनिश्चित करने का निर्देश अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) को दिया।

इसके अतिरिक्त, जेल के आसपास स्थित ऊंचे भवनों में रहने वाले लोगों की सूची तैयार कर उनके पूर्ववृत्त का सत्यापन एक सप्ताह के भीतर करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि किसी भी संभावित सुरक्षा खतरे को समय रहते रोका जा सके।

जिलाधिकारी ने जेल परिसर के प्रवेश द्वार और अन्य संवेदनशील स्थानों (वल्नरेबल पॉइंट्स) की पहचान कर वहां सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का निर्देश कारा अधीक्षक को दिया। साथ ही, जेल परिसर की साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था को लगातार प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया।

इस छापेमारी अभियान में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर), पुलिस उपाधीक्षक सहित दर्जनभर से अधिक प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी और लगभग 170 पुलिस बल मौजूद थे। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जेल की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी इस तरह की औचक कार्रवाई जारी रहेगी।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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