रक्तदान किसी की ज़िंदगी को बचाने में हो सकता है मददगार साबित: डॉ रवि रंजन रस्तोगी

छपरा

छपरा। रक्तदान महादान के तहत जागरूकता बढ़ाने के साथ ही देश में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 1 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जाता है। जिसको लेकर प्रमंडलीय मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल छपरा परिसर में संचालित रक्त केंद्र में सहज, सरल और सुरक्षित रक्तदान जागरूकता के तहत शहर के श्याम चक निवासी सह मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के रक्त केंद्र में कार्यरत परामर्शी रंजीत कुमार राम ने अपनी पुत्री के जन्मदिन के अवसर पर स्वैच्छिक रक्तदान कर दूसरे लोगो को भी जागरूक किया हैं। हालांकि रक्तदान केंद्र में शहर के विभिन्न गैर सरकारी संगठनों के अलावा निजी रूप से भी समय- समय रक्तदान शिविर आयोजित कर रक्त की कमी को दूर करने में मदद मिलती हैं।

– रक्तदान एक छोटा सा प्रयास किसी की ज़िंदगी को बचाने में हो सकता है मददगार साबित: डॉ रवि रंजन रस्तोगी
रक्तदान के संबंध में छपरा शहर के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ रवि रंजन एवं डॉ रूपाली रस्तोगी ने बताया कि 1 अक्टूबर को भारत में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। रक्तदान के महत्व और इस नेक कार्य से जुड़े फायदा के बारे में लोगो में जागरूकता फैलाना ही इसका मुख्य उद्देश्य है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन एंड इम्यूनोहेमेटोलॉजी के द्वारा पहली बार वर्ष 1975 में 01 अक्टूबर को स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया गया था। हालांकि इस वर्ष “गिव ब्लड एंड कीप द वर्ल्ड-बीटिंग” थीम के तहत स्वैच्छिक रक्तदान दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रक्तदान एक ऐसा दान है जिसका कोई मोल नहीं है। अगर समय पर मरीज को खून न मिल पाए तो उसकी जान खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में आपका एक छोटा सा प्रयास किसी की ज़िंदगी बचा सकता है तो वही रक्तदाताओं को कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से बचाने में भी अपनी अहम भूमिका निभा सकता है। क्योंकि रक्तदान करने से शरीर को कई तरह के भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य लाभ मिलता हैं।

– रक्तदान महादान देवत्व और मानवता का सम्मान: धर्मवीर
सदर अस्पताल परिसर स्थित रक्त केंद्र में कार्यरत प्रयोगशाला प्रावैधिक धर्मवीर कुमार ने बताया कि रक्तदान से पहले रक्त केंद्र के कर्मियों द्वारा रक्तदाता की स्वास्थ्य जांच किया जाता है। उसके बाद ही रक्तदान करने की प्रक्रिया शुरू की जाती हैं। जिलेवासियों से अपील की जाती है कि आप सभी समय समय पर स्वैच्छिक रक्तदान कर दूसरों की मदद करने में अपनी महत्वपूर्ण योगदान कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। हालांकि आप लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह, पुण्यतिथि या अन्य किसी खास कार्य दिवस के अवसर पर भी रक्तदान कर सकते है। रक्तदान करने से शारीरिक तनाव कम होने के साथ ही भावनात्मक स्वास्थ्य में व्यापक स्तर पर सुधार भी होता है।