बिहार में ‘अय्याशी गैंग’ का पर्दाफाश: नौकरी के नाम पर 200 लड़कियों से रेप से लेकर एबॉर्शन तक के इल्जाम

बिहार डेस्क। बिहार में आज से पहले इस तरह की घटना के बारे में किसी ने नहीं सुना होगा। बेरोजगारी में नौकरी मायने रखती है। नौकरी के इस महत्व को कुछ लोगों ने कंपनी खोलकर भुनाया है। हैवान की शक्ल में कंपनी ने महिलाओं के साथ यौन शोषण किया है। ये एक ऐसी घटना है, जिसके बारे में जानकर स्थानीय प्रशासन हिल गया है। ये बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए बालिका गृह कांड से भी बड़ी घटना है। सरकार को इस पूरे मामले की एसआईटी से जांच कराने के बाद इसके आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
जी हां, इस घटना से परिचित लोग कुछ ऐसा ही कह रहे हैं। मुजफ्फरपुर में नौकरी देने के नाम पर करीब 200 लड़कियों की इज्जत लूट ली गईं। नौकरी का झांसा देकर इज्जत लूटने की घटनाएं तो कई सामने आई हैं। मगर मुजफ्फरपुर की यह ताजा घटना आपको हिलाकर रख देगी।
मुजफ्फरपुर में हुई ये घटना आप को यह सोचने पर मजबूर कर देगी कि बिहार में नौकरी मांगने गई। आपके घर की बहू, बेटी सुरक्षित वापस लौटेगी या नहीं? नौकरी के नाम पर बुने उस जाल का शिकार होकर रह जाएगी! वहां से निकलने के बाद वो अपनी जिंदगी नहीं जी पाएगी। उसे खुद से नफरत हो जाएगी। ये मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके का है। जहां 180 लड़कियों को नौकरी देने का झांसा देकर बंधक बनाया गया। उनके साथ मारपीट की गई और साथ उनका यौन शोषण भी किया गया। ये घटना ऐसी है कि इसके बारे में सोचते ही बालिका गृह कांड की याद आ जाती है। बालिका गृह कांड पर भक्षक नाम की एक फिल्म का भी निर्माण हो चुका है।
पीड़ित ने दर्ज की शिकायत
इस पूरे प्रकरण को लेकर छपरा कि एक पीड़िता ने अहियापुर थाने में मामला दर्ज कराया है। पीड़ित ने बताया है कि फेसबुक पर महिलाओं के लिए जॉब ऑफर के पोस्ट के माध्यम से वह डीवीआर संस्था से जुड़ी। जहां अप्लाई करने पर चयन होने के बाद प्रशिक्षण के नाम बीस हजार रुपये की मांग की गई। उसने बताया कि पैसा जमा करने के बाद बहुत सारी लड़कियों के साथ अहियापुर थाना क्षेत्र में ही बखरी के निकट रखा गया। लगभग 3 महीना तक गुजर जाने के बाद भी जब सैलरी नहीं मिली, तो उसने संस्था के सीएमडी तिलक सिंह के समक्ष अपनी बात रखी। तब उसे ये बताया गया कि 50 और लड़कियों को संस्था से जोड़ने पर उसकी सैलरी 50 हजार कर दी जाएगी।
लड़कियों को बनाया बंधक
पीड़ित के मुताबिक जब उसने बताया कि वह 50 और लोगों को जोड़ने में असमर्थ है, तो उस पर दबाव बनाया गया और उसके मोबाइल के कांटेक्ट लिस्ट के हिसाब से लोगों को जोड़ने की नसीहत दी गई। उसने बताया कि तब तक वह कंपनी की असलियत से वाकिफ नहीं थी और पैसे की लालच में अपने मोबाइल के कॉन्टेक्ट लिस्ट के हिसाब से लोगों को कंपनी से जोड़ना शुरू किया। इसी बीच अहियापुर स्थित संस्था के कथित दफ्तर और हॉस्टल पर पुलिस की छापेमारी हुई। वहां से बहुत सी लड़कियों को पुलिस ने छुड़ाया भी। लेकिन छापेमारी की भनक मिल जाने से सीएमडी तिलक सिंह ने उसे और अन्य लोगों को हाजीपुर शिफ्ट करा दिया। जहां उसके साथ जबरदस्ती तिलक सिंह ने विवाह कर लिया।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराFebruary 16, 2026CM Rojagar Yojana: सारण की 83 हजार महिलाओं के खाते में CM ने भेजी 10-10 हजार रूपये
देशFebruary 16, 2026राजस्थान के केमिकल फैक्ट्री में धमाका, बिहार के 5 मजदूर जिंदा जले
छपराFebruary 14, 2026Chhapra News: मुजफ्फरपुर से चोरी हुई 3 लाख की अगरबत्ती लदी पिकअप वैन सारण से बरामद
छपराFebruary 14, 2026छपरा के यदुवंशी राय मेमोरियल हॉस्पिटल में अब 5 लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा







