गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में सियासी माहौल उस समय गरमा गया जब कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने की खबर सामने आई। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दबिश शुरू कर दी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी
गोपालगंज जिले के कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट हासिल कर लिया है और उनकी तलाश तेज कर दी है।
जिले के एसपी विनय तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया है। ये टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों भाइयों को जल्द ही गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
कुचायकोट थाने में दर्ज है प्राथमिकी
यह कार्रवाई कुचायकोट थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर की जा रही है। आरोप है कि विधायक पप्पू पांडेय और उनके भाई ने भू-माफियाओं को संरक्षण दिया और अवैध जमीन कारोबार में उनकी मदद की। पुलिस ने मामले में पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किया है।
गौरतलब है कि पप्पू पांडेय और उनके भाई का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है। दोनों को इलाके में बाहुबली छवि के रूप में जाना जाता है। पप्पू पांडेय कुचायकोट विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार विधायक हैं और वे पूर्व में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे जेडीयू के टिकट पर विधायक हैं।
पहले से भी दर्ज है मामला
विधायक पप्पू पांडेय पर पहले से ही हत्या, रंगदारी और अपहरण जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। हालांकि, वे खुद को हमेशा जनता का सेवक बताते रहे हैं। हाल के भू-माफिया प्रकरण ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है।
स्थानीय स्तर पर कुचायकोट क्षेत्र में पांडेय परिवार का खासा प्रभाव माना जाता है। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस की इस सख्ती के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे क्या कार्रवाई होती है और राजनीतिक परिदृश्य पर इसका क्या असर पड़ता है।