छपरा में किसान का बेटा ने रचा इतिहास, डिप्टी जेलर से बने नायब तहसीलदार
तीन बार दे चुका है यूपीएसएसी का इंटरव्यू

छपरा। सारण जिले के मांझी प्रखंड के साधपुर गांव के रहने वाले अजीत कुमार सिंह उर्फ ‘प्रिंस’ ने एक बार फिर अपनी मेहनत और लगन से सफलता की नई इबारत लिख दी है। पहले से ही यूपी में डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत अजीत का चयन अब यूपी पीसीएस 2024 में नायब तहसीलदार/एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट पद पर हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
डिप्टी जेलर से नायब तहसीलदार में हुआ चयन
छपरा के मांझी प्रखंड अंतर्गत साधपुर गांव निवासी अजीत कुमार सिंह उर्फ प्रिंस ने अपनी प्रतिभा और निरंतर मेहनत के बल पर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। 29 मार्च को घोषित यूपी पीसीएस 2024 के परिणाम में उनका चयन नायब तहसीलदार/एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के पद पर हुआ है।
अजीत वर्तमान में लखनऊ जेल में डिप्टी जेलर के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले भी उन्होंने यूपी पीसीएस 2019 में डिप्टी जेलर और यूपी पीसीएस 2020 में सीडीपीओ (CDPO) पद पर सफलता हासिल की थी। उनकी यह लगातार उपलब्धियां उनकी कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं।
शैक्षणिक दृष्टि से अजीत का सफर भी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी स्कूल, प्रयागराज से प्राप्त की। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
पिता करते है खेती-किसानी
अजीत एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता मदन सिंह खेती-किसानी करते हैं, जबकि माता नीता देवी गृहिणी हैं। उनके दादा कोलकाता में सरकारी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार में शिक्षा और मेहनत का माहौल रहा है, जिसने अजीत को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उनके छोटे भाई संजीत उर्फ बच्चू सिंह व्यवसाय से जुड़े हैं। अजीत की इस सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव और जिले में खुशी की लहर है।
तीन बार दे चुके है यूपीएसएसी का इंटरव्यू
गौरतलब है कि अजीत कुमार सिंह तीन बार यूपीएससी (IAS) और एक बार बीपीएससी के इंटरव्यू तक पहुंच चुके हैं, जो उनकी क्षमता और लगातार प्रयासों को दर्शाता है। कई असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे।
प्रेरणा की मिसाल
अजीत कुमार सिंह की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि अगर मेहनत और धैर्य के साथ प्रयास किया जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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