सारण के किसान अब होंगे मालामाल, 10 रूपये प्रति पौधा जमाकर अपने खेत में लगाएं, 3 साल बाद प्रति पौधा 70 रूपये देगी सरकार

छपरा। वर्ष 1950 से प्रत्येक वर्ष देश में वन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य वनों का संरक्षण, पौधारोपण करना एवं लोगों को वृक्षों के प्रति जागरूक करना है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता एवं अधिक से अधिक संख्या में वृक्षारोपण करना और भी आवश्यक हो गया है।
इसी उद्देश्य से गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी आज प्रमंडल आयुक्त, सारण, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, मुजफ्फरपुर, जिला पदाधिकारी, सारण, नगर आयुक्त, सारण, खेल पदाधिकारी, सारण, सांस्कृतिक कार्यक्रम पदाधिकारी एवं प्राचार्या, राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छपरा के द्वारा राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छपरा के प्रागण में 75वाँ वन महोत्सव कार्यक्रम के साथ वृक्षारोपण किया गया एवं वर्षाकालीन वृक्षारोपण का शुभ आरम्भ किया गया।
सारण वन प्रमंडल, छपरा द्वारा वन महोत्सव के अवसर पर राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छपरा में पर्यावरण प्रदूषण से संबंधित चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें अभय कुमार द्विवेदी, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, मुजफ्फरपुर के द्वारा प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार दिया गयाः- दो प्रथम पुरस्कार रिषिका गुप्ता, आकांक्षा कौशल एवं दो द्वितीय पुरस्कार सरस्वती गुप्ता, नैन्सी कुमारी तथा दो तृतीय पुरस्कार जिया कुमारी, किट्टु कुमारी सभी छात्राएँ राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छपरा की हैं।
वन महोत्सव कार्यक्रम का शुभ आरम्भ रामसुन्दर एम. वन प्रमंडल पदाधिकारी, छपरा के द्वारा किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि एक वृक्ष मानव जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण है। अभय कुमार द्विवेदी, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, मुजफ्फरपुर कार्यक्रम में विभागीय वन महोत्सव के बारे में जानकारी दी एवं वन विभाग के द्वारा आम जनों के हित में चलाये जा रहे कृषि वानिकी अन्यप्रजाति योजना के बारे में बताया गया कि सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक लाभ पहुँचाने हेतु एक सुनहरा अवसर प्रदान किया गया है।
जिसमें विभागीय पौधशालों के 10रू0 प्रति पौधा सुरक्षित मूल्य जमा कर पौधा प्राप्त कर अपने रैयती जमीन में पौधा लगाकर तीन साल बाद सरकार के द्वारा 60+10=70/- रू0 प्रति पौधा के दर से लाभुक किसानों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किये जाने का प्रावधान है। विद्यार्थी यदि अपना परिचय दिखाता है तो वन विभाग के पौधशाला से दो पौधे निःशुल्क वृक्षारोपण हेतु दिया जाएगा। विद्यालय/छळव् एवं अन्य संगठनों को वृक्षारोपण हेतु निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराये जायंेगे।
खेल पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों के द्वारा भी जल-जीवन-हरियाली एवं पर्यावरण सुरक्षा पर अपना अपना विचार व्यक्त किये।
कार्यक्रम के अंत में रामसुन्दर एम. वन प्रमंडल पदाधिकारी, सारण वन प्रमंडल, छपरा द्वारा वन महोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से प्रदूषण एवं अनावृष्टि से बचने के लिए मात्र एक ही विकल्प वृक्ष लगाना है। उन्होंने सारण जिले में जल-जीवन-हरियाली योजना के तहत कुल 1424743 पौधों से विभिन्न अवयवों यथा विभागीय वृक्षारोपण 206750 पौधा, कृषि वानिकी योजना 170000 पौधा, जीविका दीदियों द्वारा 256793 पौधों से पौधारोपण कार्य, सारकारी एवं गैर सरकारी संस्थान, निजी एन. जी. ओ. फ्रिंज ग्रामों, चलन्त वाहनों एवं अस्थाई पौधा बिक्री केन्द्र 56200 पौधा एवं मनरेगा योजना के तहत पौधों से पौधारोपण कार्य लक्ष्य प्राप्ति हेतु पौधारोपण कार्य 01.07.2024 से प्रारंभ किया जा चुका है।
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