67 हृदय रोगियों के लिए फरिश्ता बने छपरा डॉ. हिमांशु कुमार, मिली धड़कनों की सांसे

- दूसरे स्थापना दिवस पर मरीजों को किया गया सम्मानित
- दो वर्षो में 85 लाख 25 हजार की राशि सरकार से मदद
छपरा। मुन्नीलाल राय छपरा शहर के न्यू नारायणपुर के रहने वाले हैं। उनका जीवन काफी खुशहाल था। सब कुछ ठीक था। लेकिन एक दिन आचानक उनके सीने में दर्द हुआ, फिर डॉक्टर के पास गये इलाज ह़ुआ तो पता चला कि हार्ट का समस्या है। करीब तीन वर्षों तक अलग-अलग जगहों पर उन्होने इलाज कराया, लेकिन सभी जगह से निराश हो गये। फिर एक दिन छपरा शहर के नगरपालिका चौक स्थित धकड़कन क्लिनिक में पहुंचे। जहां हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु कुमार ने जांच किया और ऑपरेशन की सलाह दी। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर मरीज लाखों रूपये का ऑपरेशन कराने में असमर्थ्य थे।
जिसके बाद डॉ. हिमांशु कुमार ने बिहार के योजना के तहत सरकारी मदद दिलाकर उनका सफल ऑपरेशन कराने में मदद कर मुन्नीलाल राय को नया जीवनदान देने में अपने कर्तव्यों का बखूबी निवर्हन किया है। यह एक मात्र उदाहरण है।
ऐसे सैकड़ों मरीज है जिनका इलाज धड़कन क्लिनिक के माध्यम से सरकार मदद दिलाकर हृदय रोगियों का सफल ऑपरेशन कराया गया है। गुरूवार को धड़कन क्लिनिक का दूसरा स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर एक हृदय रोगी के द्वारा केक काटा गया।
डॉ. हिमांशु कुमार ने बताया कि दो वर्षो में 85 लाख 25 हजार की राशि सरकार से मदद दिलाकर 67 हृदय रोगियों का बाईपास सर्जरी एवं एंजिप्लास्टी कराया गया है। अगर सरकार से मदद नहीं मिलती तो इन मरीजों को 3 से 4 लाख रूपये ऑपरेशन पर खर्च लगता। उन्होने बताया कि हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को भी सफल ऑपरेशन सरकार के योजना के तहत कराया गया है।
यह कार्य आगे भी जारी रहेगा। ताकि जिले के जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक तंगी के कारण अपना जान नहीं गवाना पड़े। स्थापना दिवस समारोह के मौके पर डॉ. हिमांशु कुमार, विशाल कुमार, अरूण कुमार, रितेश रंजन समेत अन्य मौजूद थे।
Author Profile

Latest entries
बिहारApril 29, 2026बिहार में AI से कंट्रोल होगा ट्रैफिक, ITMS प्रोजेक्ट में 42 कंपनियों की एंट्री
Railway UpdateApril 29, 2026अब ट्रेन से विदेश यात्रा, IRCTC की लग्जरी ट्रेन से भारत से भूटान तक सफर
क्राइमApril 29, 2026Cyber Crime: बिहार में 5036 फर्जी बैंक खातों पर एक्शन, साइबर माफिया के नेटवर्क में सेंध
क्राइमApril 29, 2026सारण में कोर्ट का बड़ा फैसला, गांजा तस्कर को मिली 10 साल की सजा, एक लाख का जुर्माना



