छपरा

Sonpur Mela: सोनपुर मेला में बनेगा 500 अस्थायी शौचालय, व्यवस्थित पार्किंग और जाम से निपटने की तैयारी

डीएम-एसपी ने की समीक्षा बैठक और संयुक्त निरीक्षण

छपरा। हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2026 में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी है। मेले में आने वाले लोगों को शौचालय, पेयजल और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके तहत मेला क्षेत्र में कम-से-कम 500 शौचालय स्थापित करने, पार्किंग स्थलों को चिह्नित कर विकसित करने और प्रमुख संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, पटना और सारण को जोड़ने वाले जेपी सेतु पर संभावित जाम से निपटने के लिए क्रेन, पुलिस बल और अन्य जरूरी संसाधनों की तैनाती की पूर्व योजना बनाने को कहा गया है।

हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने  संबंधित अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक की। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने मेला क्षेत्र और वहां तक पहुंचने वाले प्रमुख संपर्क मार्गों का संयुक्त निरीक्षण कर आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, पार्किंग और यातायात प्रबंधन की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने और व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया।

मेला क्षेत्र में बनेंगे 500 शौचालय, 10-10 के क्लस्टर में होगी व्यवस्था

मेला में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए कम-से-कम 500 शौचालयों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। इन्हें अलग-अलग उपयुक्त स्थलों पर 10-10 शौचालयों के क्लस्टर में स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय तथा वॉश बेसिन सहित जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।

शौचालयों के लिए जगह पहले से चिह्नित करने के साथ नियमित साफ-सफाई, जलापूर्ति और रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी। प्रशासन ने मेला परिसर के साथ प्रमुख संपर्क मार्गों पर भी जरूरत के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने और सार्वजनिक उपयोग के स्थलों पर पानी की नियमित आपूर्ति का निर्देश दिया है।

अंधेरे वाले स्थान चिह्नित होंगे, प्रमुख मार्गों पर लगेंगी स्ट्रीट लाइट

मेला क्षेत्र और वहां पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अंधेरे वाले स्थानों को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर स्ट्रीट लाइट लगाने और सभी प्रकाश उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने को कहा गया। इसका उद्देश्य रात में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन को सुरक्षित बनाना है।

मेला क्षेत्र को अलग-अलग जोन में विभाजित कर प्रत्येक जोन में शौचालय, पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं के लिए उपयुक्त स्थलों की पहचान की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को जोनवार कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार सुविधाएं विकसित करने का निर्देश दिया गया है।

पार्किंग स्थलों का होगा विकास, अतिक्रमण हटाकर रास्ते किए जाएंगे सुगम

मेले में बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन ने उपयुक्त पार्किंग स्थलों की पहचान कर उन्हें पहले से चिह्नित करने, समतल बनाने और वाहनों के प्रवेश तथा निकास के लिए अनुकूल बनाने का निर्देश दिया है। पार्किंग स्थलों को अतिक्रमणमुक्त रखने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आसपास के भवनों के प्रवेश-निकास और स्थानीय लोगों के आवागमन में बाधा न आए।

मेला क्षेत्र और प्रमुख संपर्क मार्गों पर अतिक्रमण वाले स्थानों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सड़कों को आवश्यकतानुसार सुदृढ़ करने और उनके किनारे निर्धारित जगह छोड़कर बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया गया है, ताकि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। सड़क और पैदल आवागमन के बीच उचित व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।

खाली जमीनों का होगा सत्यापन, वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी

मेला क्षेत्र में उपलब्ध खाली मैदानों और संभावित स्थलों की पहचान कर उनकी भूमि संबंधी स्थिति का सत्यापन किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को जमीन की जमाबंदी और अन्य अभिलेखों की जांच कर प्रतिवेदन देने को कहा गया है। नियमानुसार उपलब्ध भूमि के आधार पर उसके उपयोग और बंदोबस्त की कार्रवाई की जाएगी, ताकि जरूरत के अनुसार वेंडिंग जोन विकसित किए जा सकें।

प्रशासन का जोर है कि दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को व्यवस्थित जगह मिले तथा सार्वजनिक मार्गों पर अनावश्यक भीड़ और अतिक्रमण की स्थिति न बने।

जेपी सेतु पर जाम से निपटने के लिए बनेगी पूर्व कार्ययोजना

सोनपुर मेला के दौरान यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। मेला क्षेत्र के प्रवेश-निकास मार्गों, पार्किंग स्थलों और प्रमुख संपर्क सड़कों पर यातायात का दबाव कम रखने के लिए पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

जेपी सेतु पर जाम की आशंका को देखते हुए जरूरत के अनुसार क्रेन, कार्ट, बाइक और अन्य संसाधनों की उपलब्धता का आकलन करने तथा पुलिस बल और संबंधित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की योजना बनाने को कहा गया है। जाम या किसी आकस्मिक स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए भी जरूरी इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएंगे।

प्रशासन ने निर्देश दिया कि संभावित भीड़ और वाहनों की संख्या का पूर्व आकलन कर पार्किंग, यातायात संचालन और भीड़ नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाए। संबंधित प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है।

घाटों पर सुरक्षा, मजबूत बैरिकेडिंग और विद्युत व्यवस्था पर जोर

सोनपुर मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए घाटों पर आवश्यक प्रबंध और मजबूत बैरिकेडिंग निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा से जुड़ी संरचनाओं की गुणवत्ता की जांच करने को भी कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह के जोखिम का सामना न करना पड़े।

मेला परिसर में पंडालों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को दिए जाने वाले अस्थायी विद्युत कनेक्शनों की जांच की जाएगी। पूरे मेला क्षेत्र और प्रमुख संपर्क मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा तकनीकी गड़बड़ियों को तत्काल दूर करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोककला से सूफी-कव्वाली तक की तैयारी

समीक्षा बैठक में सोनपुर मेला को अधिक आकर्षक बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। संबंधित कोषांग को लोकनृत्य, लोकगायन, प्रसिद्ध पार्श्व गायकों की प्रस्तुतियां, सूफी और कव्वाली कार्यक्रमों के साथ आध्यात्मिक प्रस्तुतियों की संभावनाओं पर काम करने का निर्देश दिया गया है। कलाकारों से समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों की सूची और संभावित तिथियों को अंतिम रूप देने को कहा गया।

बैठक में बताया गया कि मेले के दौरान 17 दिसंबर से 23 दिसंबर 2026 तक पुस्तक मेला आयोजित करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा कला एवं संस्कृति विभाग के ‘इंद्रधनुष’ कार्यक्रम की तिथियां तय करने और विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारियां आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

सरकारी स्टॉल पर लोगों को मिलेंगी उपयोगी जानकारियां और सेवाएं

जिला पदाधिकारी ने सरकारी एवं गैर-सरकारी प्रदर्शनियों, विभिन्न विभागों के स्टॉल और दुकानों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि विभागीय स्टॉल केवल जानकारी प्रदर्शित करने तक सीमित न रहें, बल्कि वहां आने वाले लोगों को वास्तविक लाभ और आवश्यक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।

चिकित्सा संबंधी स्टॉल लगाने वाले विभागों को यथासंभव संबंधित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने को कहा गया। वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भूमि अभिलेखों, नक्शों और मैपिंग से जुड़ी जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने तथा आवश्यकतानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

सोशल मीडिया पर रोज मिलेगी मेले से जुड़ी जानकारी

मेला के प्रचार-प्रसार और मीडिया प्रबंधन की समीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिदिन महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने का निर्देश दिया गया। इसमें कार्यक्रमों की रूपरेखा, उपलब्ध सुविधाओं और आयोजन से जुड़ी उपयोगी सूचनाएं शामिल होंगी, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को समय पर जानकारी मिल सके।

इसके साथ ही सारण स्मारिका के प्रकाशन के लिए सामग्री संकलन और अन्य जरूरी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने को कहा गया। स्वागत समिति को विशिष्ट अतिथियों की सूची तैयार कर आमंत्रण प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा अतिथि सत्कार से जुड़ी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

समय-सीमा में तैयारियां पूरी करने का निर्देश

जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला सारण जिले का महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित आयोजन है। इसकी व्यापकता और श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित समीक्षा जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और मेला शुरू होने से पहले आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश दिया।

जिला प्रशासन का जोर स्वच्छता, जनसुविधाओं, सुरक्षित घाटों, व्यवस्थित पार्किंग और सुचारु यातायात के साथ मेले को श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने पर है। अब इन निर्देशों के क्रियान्वयन और तय समय-सीमा में तैयारियों को पूरा करना संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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