बिहार

बिहार में 42.83 लाख परिवारों का पक्का घर पूरा, पीएम आवास योजना का 87.25% लक्ष्य हासिल

49.16 लाख आवासों का मिला लक्ष्य, 49.09 लाख को मिली स्वीकृति

पटना। बिहार में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत बड़ी प्रगति हुई है। वित्तीय वर्ष 2016-17 से अब तक राज्य को मिले 49 लाख 16 हजार 729 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 49 लाख 9 हजार 816 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 42 लाख 83 हजार 611 आवासों का निर्माण पूरा हो गया है। यानी स्वीकृत आवासों में 87.25 प्रतिशत का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

हालांकि, अभी 6 लाख 26 हजार 205 आवास लंबित हैं। इन आवासों को जल्द पूरा कराने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने जिलों और प्रखंडों की निगरानी और समीक्षा तेज कर दी है। अधिकारियों के साथ नियमित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लंबित आवासों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है, ताकि पात्र परिवारों को जल्द से जल्द पक्के मकान का लाभ मिल सके।

2026-27 में करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च

वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत करीब तीन हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। विभाग का फोकस विशेष रूप से उन आवासों के निर्माण को गति देने पर है, जो किसी कारण से अभी लंबित हैं।

जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को आवास निर्माण की लगातार मॉनिटरिंग करने और लाभुकों को निर्माण कार्य पूरा कराने में आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।

अब सीधे बैंक खाते में पहुंच रही सहायता राशि

वित्तीय वर्ष 2026-27 से योजना के लाभुकों को आवास निर्माण की सहायता राशि एसएनए मॉड्यूल के माध्यम से आरबीआई द्वारा सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने में मदद मिलेगी तथा लाभुकों को राशि मिलने में अनावश्यक देरी की संभावना कम होगी।

31 अक्टूबर तक पूरी होगी प्रतीक्षा सूची की प्रक्रिया

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रतीक्षा सूची में शामिल होने से छूटे सर्वेक्षित परिवारों को सूची में शामिल करने की प्रक्रिया भी चल रही है। इसके लिए 27 सितंबर को ग्रामसभाओं का आयोजन किया गया था।

राज्य की 8,012 ग्राम पंचायतों में ग्रामसभा के माध्यम से सूची का अनुमोदन किया जा चुका है। वहीं, 37 ग्राम पंचायतों में अनुमोदन की प्रक्रिया अभी जारी है। ग्रामसभा से पारित सूची को जिला अपीलीय समिति द्वारा अंतिम रूप दिया जा रहा है।

विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र सरकार से प्राप्त नए आवासीय लक्ष्य का जिलावार, प्रखंडवार और पंचायतवार आवंटन किया जाएगा।

भूमिहीन परिवारों को जमीन के लिए एक लाख तक की सहायता

जिन पात्र लाभुकों के पास आवास निर्माण के लिए अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए भी विभाग की ओर से व्यवस्था की जा रही है। भूमिहीन लाभुकों को वास भूमि उपलब्ध कराने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है।

जहां सरकारी स्तर पर वास भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है, वहां मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय सहायता योजना के तहत स्थानीय दर और एमवीआर के आधार पर जमीन खरीदने के लिए अधिकतम एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।

आवास के साथ मजदूरी और शौचालय की भी सुविधा

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभुकों को मकान निर्माण के साथ अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है। आवास निर्माण से जुड़े लाभुकों को 90 दिनों की मजदूरी के रूप में 27 हजार रुपये वीबी-जी राम जी के तहत दिए जा रहे हैं। वहीं, शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।

इससे योजना का उद्देश्य केवल पक्का मकान उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को बेहतर और सम्मानजनक आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना भी है।

‘पात्र परिवारों को समय पर पक्का घर देना प्राथमिकता’

ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र परिवारों को समय पर पक्का आवास उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। अब तक 42.83 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि लंबित आवासों को जल्द पूरा कराने के लिए जिलों और प्रखंडों की लगातार समीक्षा की जा रही है। प्रतीक्षा सूची की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नए लक्ष्य का पंचायत स्तर तक आवंटन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सके।

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Ganpat Aryan
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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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