Rajdhani Express FSL Investigation: छपरा में राजधानी एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश मामले में FSL की टीम ने की जांच
वैज्ञानिक जांच से बेनकाब होंगे साजिशकर्ता
छपरा। छपरा-बलिया रेलखंड पर राजधानी एक्सप्रेस को रेलवे ट्रैक पर पानी की टंकी रखकर दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित साजिश की जांच अब तेज कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेल पुलिस (जीआरपी), स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की संयुक्त टीम वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर घटना की तह तक पहुंचने में जुटी है। रविवार को एफएसएल की टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर रेलवे ट्रैक और आसपास के इलाके से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए। पुलिस का दावा है कि कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस छपरा-बलिया रेलखंड पर गौतमस्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी ढाला से करीब 110 मीटर पश्चिम विजय राय के टोला के समीप रेलवे ट्रैक पर रखी सिंटेक्स की पानी की टंकी से टकरा गई थी। टक्कर के बाद पानी की टंकी इंजन के अगले हिस्से में फंस गई थी। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता और समय रहते लगाए गए इमरजेंसी ब्रेक के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया।
छपरा-बलिया रेलखंड पर राजधानी एक्सप्रेस को डिरेल करने की साजिश? ट्रैक पर रखी मिली सिंटेक्स टंकी
एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
घटना के दूसरे दिन भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी रही। रेल एसपी वीणा कुमारी के निर्देश पर एफएसएल की टीम घटनास्थल पर पहुंची और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए। टीम ने रेलवे ट्रैक, आसपास के क्षेत्र और विजय राय के टोला स्थित उस मकान का भी निरीक्षण किया, जहां की छत से पानी की टंकी हटाकर ट्रैक पर रखे जाने की बात सामने आई है।
एफएसएल टीम ने छत, पानी की टंकी और अन्य संभावित स्थानों से कई नमूने एकत्र किए हैं। इनकी जांच के बाद पुलिस को घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
एसएसपी ने दिए आवश्यक निर्देश
सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिविलगंज थानाध्यक्ष राजीव कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। स्थानीय पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त रूप से जांच में जुटी हुई हैं तथा हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
छत से उतारकर ट्रैक पर रखी गई थी पानी की टंकी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव के एक मकान की छत पर रखी नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी को अज्ञात असामाजिक तत्वों ने नीचे उतारकर मुख्य रेलवे ट्रैक पर रख दिया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी भारी टंकी को ट्रैक तक पहुंचाने में कितने लोग शामिल थे और उनका उद्देश्य क्या था।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि घटना केवल शरारत थी या इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश का हाथ है।
कुछ संदिग्धों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि घटना में शामिल अपराधियों की पहचान करने का काम तेजी से चल रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। हालांकि, रविवार शाम तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।
बड़ा हादसा टलने से बचीं सैकड़ों जानें
रेलवे सूत्रों के अनुसार, जिस समय यह घटना हुई, उस समय अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों का आवागमन संभावित था। ऐसे में मुख्य रेलवे ट्रैक पर भारी पानी की टंकी रखा जाना अत्यंत गंभीर मामला माना जा रहा है। यदि लोको पायलट ने समय रहते इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाया होता तो राजधानी एक्सप्रेस के बेपटरी होने सहित बड़े रेल हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
दो थानों में दर्ज हुई प्राथमिकी
घटना को लेकर छपरा जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा स्थानीय रिविलगंज थाना में भी अलग से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों के आधार पर आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
सभी पहलुओं पर हो रही जांच
आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के पीछे किसका हाथ है, इसमें कितने लोग शामिल थे और उनका मकसद क्या था। जांच एजेंसियां इस मामले को सुनियोजित साजिश, रेलवे सुरक्षा से छेड़छाड़ और अन्य आपराधिक पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही हैं। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद घटना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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