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Bihar News: 8600 करोड़ की लागत से बिहार में बिछेगी 311KM नई रेल लाइन, व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही होगी सुगम

बिहार में बिछेगी नई रेल लाइन

Bihar News: 8600 करोड़ की लागत से बिहार में बिछेगी 311KM नई रेल लाइन, व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही होगी सुगम। पूर्व मध्य रेलवे बिहार में दिल्ली-गुवाहाटी उच्च घनत्व नेटवर्क पर 311 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी कर रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत 8600 करोड़ रुपये है, जिसका उद्देश्य इस व्यस्त रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।

प्रमुख मार्ग और परियोजना की खासियतें

यह नई रेल लाइन छपरा ग्रामीण से सोनपुर, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बछवाड़ा, बरौनी और कटिहार तक के महत्वपूर्ण रेल खंडों को कवर करेगी। यह मार्ग भारत के सबसे व्यस्ततम रेल खंडों में से एक है, जहाँ यात्री और मालगाड़ियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

इस परियोजना के तहत, रेल लाइनें बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेंगी:

  • कटिहार: 41.25 किमी
  • भागलपुर: 40.10 किमी
  • खगड़िया: 49.80 किमी
  • बेगूसराय: 70.15 किमी
  • समस्तीपुर: 15.00 किमी
  • वैशाली: 38.10 किमी
  • सारण: 56.39 किमी

परिचालन क्षमता में सुधार और विकास कार्य

इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य ट्रेनों की लेटलतीफी को कम करना और परिचालन क्षमता को बढ़ाना है। इसके लिए कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए जाएंगे:

  • नए रेल पुल: कुरसेला के पास कोसी नदी और हाजीपुर के समीप गंडक नदी पर दो नए रेल पुल बनाए जाएंगे।
  • अन्य पुल: कुल 21 बड़े और 82 छोटे पुलों का निर्माण भी होगा।
  • सुरक्षित क्रॉसिंग: 69 समपार फाटकों को हटाकर लिमिटेड हाइट सबवे (LHS) बनाए जाएंगे, जिससे सड़क यातायात सुरक्षित और सुगम होगा।

रेलवे ने इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है और इसे जल्द ही रेलवे बोर्ड को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

भविष्य की योजनाएं और आर्थिक लाभ

बछवाड़ा-बरौनी खंड में तीसरी और चौथी लाइन का काम पहले से ही 930 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है। इसके बाद, अगले चरण में हाजीपुर-मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर-बछवाड़ा खंड की डीपीआर तैयार की जाएगी। इस पूरे खंड में स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे परिचालन दक्षता में और भी बढ़ोतरी होगी।

यह परियोजना कोसी, सीमांचल और मिथिलांचल जैसे क्षेत्रों में माल ढुलाई की लागत को कम करने और पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, बड़हरवा-भागलपुर खंड में तीसरी-चौथी लाइन से रेलवे को सालाना 538 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ और 1341 करोड़ रुपये का व्यावसायिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

यह पहल बिहार के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

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