Business Idea 2025: कुबेर के खजाने से कम नहीं इन 6 पेड़ो की खेती, लाखों में कमाएंगे मुनाफा
इस पेड़ की खेती से कुछ सालों में होगी धनवर्षा

Business Idea 2025: कुबेर के खजाने से कम नहीं इन 6 पेड़ो की खेती, लाखों में कमाएंगे मुनाफा .अगर आप भी खेती में लंबे समय तक लाभ देने वाला विकल्प खोज रहे हैं तो धान, मूंग या सब्जियों की जगह अब लकड़ी के वाणिज्यिक पेड़ों की खेती पर विचार करें. ये पेड़ न सिर्फ उच्च बाजार मूल्य रखते हैं, बल्कि 8-12 वर्षों में लाखों की आमदनी का रास्ता खोल सकते हैं. साथ ही यह खेती पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती है.
सागवान की खेती (Sagwan Tree Farming)
सागौन को दुनिया की सबसे कीमती और टिकाऊ लकड़ियों में गिना जाता है. इसकी दीमक प्रतिरोधक क्षमता और आकर्षक बनावट इसे फर्नीचर, जहाज निर्माण और नक्काशी के लिए आदर्श बनाती है.
- एक परिपक्व पेड़ ₹40,000 से ₹1,00,000 तक बिक सकता है.
- यह कम लागत में अधिक रिटर्न देने वाला विकल्प है.
- किसानों के लिए यह तेजी से मुनाफा देने वाली खेती साबित हो रही है.
साल की लकड़ी
साल की लकड़ी को उसकी अद्वितीय मजबूती और लंबी उम्र के लिए जाना जाता है. इसका प्रयोग मकानों, पुलों और रेलवे स्लीपर्स जैसे भारी निर्माण कार्यों में किया जाता है.
- साल के पेड़ 300 से 400 फीट ऊंचे तक हो सकते हैं.
- यह लकड़ी दीमक से सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ होती है.
- बाजार में इसकी लगातार उच्च मांग बनी रहती है.
शीशम के पेड़ की खेती
- शीशम, या भारतीय रोजवुड, अपनी गहरी रंगत, कठोरता और सौंदर्य के लिए मशहूर है.
- इसका उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर, फर्श और सजावटी वस्तुओं में होता है.
- एक पेड़ की कीमत ₹30,000 से लाखों तक हो सकती है.
- इसमें औषधीय गुण भी होते हैं, जिससे इसकी मांग और बढ़ जाती है.
देवदार
देवदार की लकड़ी अपने हल्केपन और टिकाऊपन के लिए पहचानी जाती है.
- यह दीमक-प्रतिरोधी होती है.
- इसकी प्राकृतिक सुगंध और बनावट इसे फर्नीचर उद्योग में लोकप्रिय बनाती है.
- भारत में इसे पवित्र वृक्ष माना जाता है और यह विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है.
महोगनी की लकड़ी
- महोगनी की लकड़ी का रंग लाल-भूरा होता है और यह काफी मजबूत व टिकाऊ होती है.
- यह लकड़ी संगीत वाद्ययंत्र, फर्नीचर और इंटीरियर डिजाइन के लिए बेहतरीन है.
- एक परिपक्व पेड़ की कीमत ₹50,000 तक हो सकती है.
- 1 एकड़ में लगभग 120 पौधे लगाए जा सकते हैं, जो 10-12 साल में काटने लायक हो जाते हैं.
यूकेलिप्टस (Eucalyptus) नीलगिरी या सफेदा
- सफेदा अपनी तेज वृद्धि और बहुपयोगी गुणों के लिए जाना जाता है.
- इसकी लकड़ी लुगदी, इमारती कार्य, औषधियों, परफ्यूम और कॉस्मेटिक उत्पादों में काम आती है.
- ये पेड़ 8 से 10 साल में परिपक्व हो जाते हैं.
- एक एकड़ में इसकी खेती से ₹10 लाख से ₹12 लाख तक की कमाई संभव है.
- लंबी अवधि की सुरक्षा और पर्यावरण के लिए लाभकारी
- लकड़ी की खेती केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं है, यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है.
- ये पेड़ मिट्टी का कटाव रोकते हैं, ऑक्सीजन बढ़ाते हैं और बायोडायवर्सिटी को संरक्षित करते हैं.
- यह खेती किसानों को पारंपरिक कृषि की अनिश्चितताओं से राहत देती है.
- धैर्य और सही प्रबंधन के साथ यह एक सशक्त और स्थायी आय का स्रोत बन सकती है.
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