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पर्वतों को चीरती, समंदर के नीचे दौड़ती ट्रेनें: जब इंजीनियरिंग ने रचा अजूबा इतिहास

नेशनल न्यूज डेस्क। आधुनिक इंजीनियरिंग की ताकत को अगर किसी ने साकार रूप में देखा है, तो वह है दुनिया की वे रेलवे सुरंगें जो या तो विशाल पर्वतों के नीचे से होकर गुजरती हैं या फिर समुद्र की गहराइयों से।

यह किसी अजूबे से कम नहीं कि आज इंसान ने तकनीक की मदद से वह भी संभव कर दिखाया है, जिसकी कभी कल्पना भी मुश्किल थी। अब रेल की पटरियां सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि पहाड़ों के अंदर और समुद्र के नीचे भी दौड़ रही हैं।

1. गॉटहार्ड बेसल टनल (स्विट्जरलैंड)

2016 में शुरू हुई यह रेल सुरंग स्विस आल्प्स के नीचे से गुजरती है। यह यूरोप के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ती है और फिलहाल यह दुनिया की सबसे लंबी रेल सुरंग है।

2. सेइकान टनल (जापान)

यह एशिया की सबसे लंबी और गहराई में स्थित रेल सुरंग मानी जाती है। यह जापान के होक्काइडो और होंशू द्वीपों को जोड़ती है और इसका लगभग 23 किलोमीटर हिस्सा समुद्र के नीचे से होकर गुजरता है।

3. चैनल टनल (यूके-फ्रांस)

इसे “चन्नल टनल” के नाम से जाना जाता है। यह सुरंग इंग्लिश चैनल के नीचे से गुजरती है और फ्रांस को ब्रिटेन से जोड़ती है। इसमें दोहरी सुरंग के साथ एक सर्विस टनल भी है, जो सुरक्षा और रख-रखाव के लिहाज़ से अहम है।

4. यूलजी टनल (दक्षिण कोरिया)

गियोंगी प्रांत में स्थित यह सुरंग हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए डिज़ाइन की गई है। 2016 में शुरू हुई इस सुरंग ने कोरिया की ट्रांसपोर्ट तकनीक को एक नया आयाम दिया।

5. शीआन सुरंग (चीन)

यह चीन की मुख्यभूमि की सबसे लंबी रेल सुरंगों में से एक है। इस सुरंग से रोजाना 31 जोड़ी ट्रेनें गुजरती हैं, जो इसे एक अत्यधिक व्यस्त मार्ग बनाती हैं।



आज जब हम किसी रेल यात्रा पर निकलते हैं और सुरंगों से गुजरते हैं, तो शायद ही हम सोचते हैं कि इन सुरंगों के पीछे कैसी अद्भुत इंजीनियरिंग और परिश्रम छिपा है। पहाड़ों को चीर कर और समंदर की गहराइयों को पार कर बनाई गई ये सुरंगें मानव क्षमताओं की चरम सीमा का प्रमाण हैं।

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Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

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