छपरा के दो अनाथ बच्ची और एक बच्चें को दत्तकग्राही दंपत्ति जोड़ो ने लिया गोद, खुशियों से खिलखिलया चेहरा

छपरा। जीवन की आपाधापी के बीच आकांक्षा वाले दपत्ति जोड़े के लिए आज का दिन खुशियी देने वाला रहा। सारण जिला प्रशासन के द्वारा तीन बच्चों को दत्तकग्रहण की कार्रवाई पूर्ण की गई। जिलाधिकारी अमन समीर द्वारा अपने कार्यालय कक्ष में तीन बच्चों को उनके दत्तकग्राही माता-पिता को अंतिम रूप से सौंपा गया। दत्तकग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही बच्चे को नए माता-पिता को सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान दपत्ति जोड़ों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने भाव विभोर होकर जिला प्रशासन को धन्यवाद प्रेषित किया। बच्चों द्वारा भी अपनी खुशी एवं सहमति जिलाधिकारी को व्यजा की गई। जिलाधिकारी सारण द्वारा दो बालिकाओं एवं एक बालक को दत्तकग्राही माता-पिता को सौपा गया।
दपत्तियों द्वारा बच्चों को गोद लेने के लिए कारा के वेब पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन किया था। जिसका क्रम आने एवं सारी प्रक्रिया से गुजरने के बाद उनके फाइनल एडॉप्शन की प्रक्रिया जिलाधिकारी सारण अमन समौर द्वारा पूर्ण की गई। ज्ञात हो कि समाज कल्याण विभाग अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा संचालित विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान, सारण के माध्यम से बच्चे को दत्तक ग्रहण की कार्रवाई की जाती है। संस्थान में चिल्ड्रेन इन नीड ऑफ केयर एंड प्रोटेक्शन वाले बच्चों की पूरी सुरक्षा और सुविधाओं के बीच रखकर उनका भरपूर पालन पोषण किया जाता है। इस अवसर पर प्रभारी सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई पूजा कुमारी, बाल संरक्षन पदाधिकारी पंकज प्रसाद, समन्वयक कहकशा रसीद, दीपांशु राज, मनीष कुमार, हिमाशु कुमार पाल आदि उपस्थित थे।
जानिए बच्चे गोद लेने के लिए क्या है नियम
कोई भी ऐसा दंपत्ति जिसकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति सुदृढ़ हो बच्चा गोद लेने के लिए पात्र हो सकता है। यदि उन्होंने कम से कम दो वर्ष का स्थिर वैवाहिक जीवन व्यतीत किया हो तथा दत्तक ग्रहण के लिए दोनों की आपसी सहमति जरूरी है। अलग-अलग उम्र वाले दपत्ति के लिए अलग-अलग उम्र के बच्चे की पात्रता होती है। बच्चा गोद लेने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण के वेबसाईट carings.wcd.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। जाँच के बाद बच्चा गोद लेने के पात्र माता-पिता को बच्चा गोद दिया जाता है।
दो संतान वाले दंपत्ति सामान्य बालक के दत्तक ग्रहण के लिए पात्र नहीं
एकल पुरुष अभिभावक को केवल लड़का गोद दिया जा सकता है, जबकि एकल महिला लड़का एवं लडकी दोनों को गादे ले सकती है। दो संतान वाले दंपत्ति सामान्य बालक के दत्तक ग्रहण के लिए पात्र नहीं है। यह सिर्फ विशेष आवश्यकता वाले बालकों को ही दत्तक ग्रहण कर सकते है। देश में किसी अन्य माध्यम से बच्चा गोद लेना और देना कानूनी अपराध है।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- July 14, 2026बिहारPatna Helicopter Joy Ride: अब बिहार की वादियों और विरासत का हवाई सफर, हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होते ही सीटें फुल
- July 14, 2026छपराRation Card: सारण में राशन कार्ड से वंचित परिवारों की होगी घर-घर तलाश, 49 हजार से अधिक बनेगा नया राशन कार्ड
- July 14, 2026छपरासारण में मनरेगा योजनाओं में भ्रष्टाचार पर DDC का बड़ा एक्शन, मुखिया और BDC समेत 7 पर FIR दर्ज
- July 14, 2026छपराछपरा में बुजुर्गों के लिए बड़ी सौगात: 70 वर्ष से अधिक आयु वालों का होगा पूरी तरह निशुल्क इलाज



