Saran News: सोशल मीडिया पर चुनावी भ्रम फैलाने वालों पर शिकंजा, साइबर थाना में दर्ज हुई FIR
चुनाव आयोग के निर्देशों की उड़ाई धज्जियां

छपरा। सारण में विधानसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर भ्रामक और अनुचित सामग्री प्रसारित करने वालों पर जिला प्रशासन और पुलिस की सख्ती जारी है। साइबर थाना की सतर्क मॉनिटरिंग टीम ने ऐसे कई अकाउंटों की पहचान की है, जो चुनाव संबंधी भ्रामक वीडियो और पोस्ट साझा कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने संबंधित प्रोफाइल संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, साइबर थाना द्वारा की जा रही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान यह पाया गया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंटों के माध्यम से चुनाव से संबंधित भ्रामक वीडियो पोस्ट किया गया है। इनमें एक वीडियो ऐसा भी शामिल है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से जुड़ा दृश्य दिखाते हुए एक विशिष्ट राजनीतिक दल के पक्ष में मतदान करते हुए वीडियो बनाया गया था। उक्त वीडियो को एडिट कर प्रसारित किया गया, जिससे आम मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
पुलिस के मुताबिक, ऐसा कार्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है। इस तरह की पोस्ट से न केवल चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर असर पड़ता है, बल्कि सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने और विधि-व्यवस्था भंग करने का भी प्रयास परिलक्षित होता है।
एक फेसबुक अकाउंट पर मिली बड़ी लापरवाही
सारण साइबर थाना की जांच में एक फेसबुक अकाउंट Pramod Kumar (Facebook URL: https://www.facebook.com/pramodkumar.kumar.16718979) का नाम प्रमुखता से सामने आया है। उक्त प्रोफाइल से एक पुराना वीडियो पोस्ट कर उसे वर्तमान चुनाव से जोड़ते हुए भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया गया। पोस्ट की भाषा और वीडियो की सामग्री से यह स्पष्ट हुआ कि इससे राजनीतिक माहौल बिगाड़ने, उन्माद फैलाने एवं शांति-व्यवस्था भंग होने की संभावना थी।
इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या-409/25 दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित प्रोफाइल की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य संलिप्त अकाउंटों की भी पहचान की जा रही है।
पुलिस की अपील: अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
सारण पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे चुनाव संबंधी किसी भी प्रक्रिया का वीडियो, फोटो या कोई भी सामग्री जो निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करती हो, सोशल मीडिया पर साझा न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की गतिविधि में शामिल पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सारण पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। कोई भी व्यक्ति अफवाह फैलाने या भ्रामक जानकारी साझा करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ तत्काल विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।”
जिले में विधानसभा चुनाव जैसे संवेदनशील समय में भ्रामक या राजनीतिक रूप से उकसाने वाली सामग्री साझा करना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा प्रहार भी है। पुलिस की सख्ती इस बात का संकेत है कि अब सोशल मीडिया पर फैलाए गए हर झूठे प्रचार पर निगरानी और कार्रवाई दोनों तेज़ी से होगी।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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