Ramjanki Path: सारण के खेत-खलिहानों से निकलेगा राम-जानकी पथ, आस्था के साथ अर्थव्यवस्था भी जुड़ेगी
1027 करोड़ की लागत से तैयार होगा धार्मिक व अंतरराज्यीय महत्व का मार्ग

छपरा। उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित राम-जानकी पथ के पहले चरण का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इस चरण में बिहार के सीवान से मशरक तक करीब 50 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसपर लगभग 1027 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी। यह पथ सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी तीन राज्यों को जोड़ने वाला जीवनरेखा साबित होगा।
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भूमि अधिग्रहण में तेजी
परियोजना के लिए 27 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि में से अब तक 11 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा रैयतों को दे दिया गया है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए कुल आठ मौजा में से चार मौजा में ट्रेंच कटिंग कराकर भौतिक कब्जा भी लेकर उसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंपा जा चुका है।
स्थल निरीक्षण में जुटे अधिकारी
पथ निर्माण की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी सारण अमन समीर ने अधिकारियों के साथ मशरक प्रखंड के चैनपुर में स्थल निरीक्षण किया। उनके साथ अपर समाहर्त्ता, दोनों सहायक जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, NHAI के परियोजना निदेशक, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल छपरा और अंचलाधिकारी मशरक उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भूमि मुआवजा से संबंधित शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश भी दिया।
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तैयार होगा खेसरा आधारित विस्तृत नक्शा
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राम-जानकी पथ निर्माण के लिए चयनित भूमि का एलाइनमेंट दर्शाते हुए, सभी खेसरा नंबरों को चिन्हित कर एक बड़ा और विस्तृत नक्शा तैयार किया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि जिन रैयतों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें भी जल्द से जल्द भुगतान किया जा सके।
कार्य एजेंसी को मिले निर्देश
निर्माण कार्य को क्रियान्वित करने वाली एजेंसी को कल यानी 28 जुलाई से ही निर्माण कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दे दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन द्वारा परियोजना के अन्य कार्यों की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि निर्माण कार्य सुचारू रूप से समयबद्ध रूप में पूर्ण किया जा सके।
यह पथ अयोध्या (राम जन्मभूमि) और जनकपुर (सीता की जन्मस्थली) को जोड़ने वाला एक आध्यात्मिक-सांस्कृतिक कॉरिडोर भी बनेगा, जो पर्यटन, धार्मिक यात्रा और व्यापार के क्षेत्र में भी विकास के नए द्वार खोलेगा।
विशेष तथ्य
- परियोजना लागत: ₹1027 करोड़
- सड़क चौड़ाई: फोरलेन (50 किमी)
- वर्तमान चरण: सीवान से मशरक
- भूमि अधिग्रहण: ₹11 करोड़ से अधिक मुआवजा वितरित
- एजेंसी: NHAI
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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