क्राइमछपरा

Fake Raw Officer: छपरा के महिला जज का पति रॉ ऑफिसर नहीं, बड़ा ठग निकला! यूपी STF ने दबोचा

फर्जी रॉ अधिकारी बनकर जी रहा था दोहरी ज़िंदगी

छपरा। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने ग्रेटर नोएडा में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को कभी रॉ (RAW) अधिकारी, कभी सेना का मेजर, तो कभी कर्नल बताकर लोगों को धोखा देता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनीत कुमार (37) के रूप में हुई है, जो ग्रेटर नोएडा के पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे सोसाइटी में किराये के फ्लैट में रहता था। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी की पत्नी बिहार के छपरा में तैनात न्यायिक मजिस्ट्रेट हैं।

हर जगह ‘अफसर’ बनकर लेता था मकान

एसटीएफ के एएसपी राज कुमार मिश्रा के अनुसार 18 नवंबर को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अलग-अलग सोसाइटी में खुद को कभी मेजर और कभी रॉ अधिकारी बताकर किराये पर मकान ले रहा है। जांच में पाया गया कि आरोपी सुनीत पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे सोसाइटी के फ्लैट नंबर 216 में रहता है।

हिरासत में लेने पर जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पर्स से ही रॉ और सेना के फर्जी आईडी कार्ड, कई आधार-पैन कार्ड, अलग-अलग नामों के वोटर आईडी, 20 से अधिक चेकबुक और कई रेंट एग्रीमेंट मिले। एसटीएफ ने उसे 18 नवंबर की रात 8:20 बजे गिरफ्तार कर लिया।

शिक्षा और पृष्ठभूमि

आरोपी ने वर्ष 2012 में रायपुर स्थित कलिंगा विश्वविद्यालय से पोस्ट-ग्रेजुएशन किया था। इसके बाद उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई कंपनियां बनाईं और खुद को उच्च पदों पर तैनात अधिकारी बताने लगा।

तीन फर्जी कंपनियाँ, करोड़ों का लेनदेन

एसटीएफ के अनुसार आरोपी ने हप्पू मेंटल हेल्थ सर्विसेज, फेस्टम 24 टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड और लोकली टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनियाँ बनाई थीं। इन कंपनियों में आरोपी और उसकी मौसी की बहन निदेशक हैं।एसटीएफ ने बताया कि आरोपी अपने इन कंपनियों को पब्लिक लिस्टिंग तक ले जाने की योजना बना चुका था।

दस्तावेजों से साफ है कि

  • 10 महीनों में तीन करोड़ से अधिक का लेनदेन
  • फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाता खोलना
  • कंपनी की वैल्यूएशन कृत्रिम रूप से बढ़ाना
  • आगे चलकर आईपीओ लाकर बड़ी राशि जुटाने की तैयारी
81 लाख रुपये की राशि फ्रीज

एसटीएफ ने आरोपी के दो बैंक खातों को चिह्नित कर 81 लाख रुपये फ्रीज कर दिए हैं—

  • आरबीएल बैंक खाते में – 40 लाख रुपये
  • कोटक महिंद्रा बैंक में – 41 लाख रुपये
  • अन्य खातों की भी जांच की जा रही है।
मेजर बनकर किराए पर लिया था मकान, फर्जी सत्यापन पत्र भी दिया

आरोपी के पास से बी ब्लॉक गुलमोहर एस्टेट सेक्टर पाई-1 के एफएफ-288 मकान का रेंट एग्रीमेंट मिला है। मकान मालिक से संपर्क करने पर स्पष्ट हुआ कि उसने खुद को मेजर अमित कुमार बताकर मकान किराये पर लिया था। दिल्ली पुलिस के डिप्टी कमिश्नर के नाम पर फर्जी सत्यापन पत्र भी व्हाट्सऐप पर भेजा था।

पत्नी द्वारा भी ‘गृह मंत्रालय में तैनाती’ का दावा, शादी पर शक

एसटीएफ ने आरोपी की पत्नी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उनके पति गृह मंत्रालय में गोपनीय नियुक्ति पर कार्यरत हैं। लेकिन जब उनसे दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई प्रमाण नहीं दे सकीं।एसटीएफ को पत्नी द्वारा बताए गए तथ्यों में भी संदेह हुआ और अब उनकी शादी और उससे जुड़े तथ्यों की जांच भी शुरू कर दी गई है।

आरोपी के पास से बरामद हुए लगभग दो दर्जन से अधिक फर्जी दस्तावेज

जांच में आरोपी के पास से जो सामान मिला, वह चौंकाने वाला है

  • 5 पैन कार्ड (अलग-अलग नाम)
  • 3 वोटर आईडी की प्रतिलिपियां
  • 2 फर्जी सरकारी आईडी
  • 17 फर्जी रेंट एग्रीमेंट
  • 20 चेकबुक
  • 8 क्रेडिट/डेबिट कार्ड
  • 2 आधार कार्ड प्रतिलिपि
  • 3 लैपटॉप, 2 टैबलेट
  • दिल्ली पुलिस का फर्जी सत्यापन पत्र
  • आईटीआर और कंपनी दस्तावेजों वाली डायरी

आरोपी के सभी दस्तावेजों में फोटो उसका है, लेकिन नाम अलग-अलग—कहीं जितेंद्र, कहीं दीपक, कहीं अभिषेक शर्मा, तो कहीं अमित कुमार लिखा हुआ था।

एफआईआर दर्ज, मामले की व्यापक जांच जारी

एसटीएफ ने सूरजपुर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। टीम इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक किन-किन लोगों को धोखा दिया। फर्जी पहचान के नाम पर कितनी संपत्ति, नौकरी और सुविधा हासिल की क्या कोई बड़ा नेटवर्क इससे जुड़ा है।पत्नी को आरोपी की गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं। मामले को उच्च स्तरीय वित्तीय और साइबर जांच के दायरे में ले लिया गया है।

Author Profile

Ganpat Aryan
Ganpat Aryan
वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Ganpat Aryan

वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।

Related Articles

Back to top button
close