
छपरा। स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में सारण प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश दिया कि अब जिले में लापरवाही और अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सदर अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान पाई गई खामियों को अविलंब दूर करने का निर्देश देते हुए डीएम ने ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया।
एंबुलेंस की ऑनलाइन ट्रैकिंग
डीएम ने निर्देश दिया कि सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर बनाए गए नियंत्रण कक्ष से एंबुलेंस की ऑनलाइन ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। इसके माध्यम से हर एंबुलेंस की गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। अवैध रूप से संचालित एंबुलेंस के खिलाफ सख्त और कारगर कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया।
साथ ही खराब एंबुलेंस एवं शव वाहनों की शीघ्र मरम्मत या नियमानुसार स्क्रैप नीलामी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वर्तमान में सदर अस्पताल में दो शव वाहन उपलब्ध हैं, जबकि सदर अनुमंडल में दो अतिरिक्त शव वाहन तथा सोनपुर और मढ़ौरा अनुमंडल के लिए भी दो-दो शव वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
अस्पतालों में व्यवस्था सुधार पर फोकस
सदर अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन थिएटर को शीघ्र क्रियाशील करने का निर्देश दिया गया। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय रखने का आदेश दिया गया। मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रत्येक मामले की गहन जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाने तथा उसके आधार पर स्वास्थ्य व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाने पर जोर दिया गया।
दवा उपलब्धता और वैक्सीनेशन
जिले के अस्पतालों में औसतन 92 प्रतिशत दवाएं उपलब्ध पाई गईं। डीएम ने सभी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में निरंतर उपलब्ध रखने का निर्देश दिया। सभी एमओआईसी को आवश्यक दवाओं की अधियाचना समय रहते भेजने को कहा गया, ताकि किसी भी अस्पताल में दवा की कमी न हो।
ऑनलाइन रिपोर्टिंग और ‘भव्या’ पोर्टल पर जोर
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी इंजरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट केवल ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से ही तैयार की जाएं। ऑफलाइन प्रक्रिया को पूरी तरह बंद करने को कहा गया। जनवरी-फरवरी माह में 640 इंजरी/पोस्टमार्टम रिपोर्ट ऑनलाइन बनाई गई हैं।
साथ ही ‘भव्या पोर्टल’ के माध्यम से शत-प्रतिशत चिकित्सीय जांच और प्रिस्क्रिप्शन जारी करने का निर्देश दिया गया।
डॉक्टरों की उपस्थिति और जवाबदेही तय
ओपीडी में औसत प्रतीक्षा समय 31 मिनट पाया गया, जिसे कम करने का निर्देश दिया गया। रोस्टर के अनुसार समय का पालन नहीं करने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। सभी अस्पतालों (APHC सहित) में शत-प्रतिशत बायोमेट्रिक अटेंडेंस सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। ओपीडी में 10 से कम मरीज देखने वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
डीएम ने सभी सरकारी चिकित्सकों की विभिन्न सर्विस पैरामीटर्स पर रैंकिंग करने का निर्देश दिया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि खराब प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई होगी।
संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर जोर
जनवरी माह में सरकारी अस्पतालों में 51 प्रतिशत संस्थागत प्रसव दर्ज किया गया। इस आंकड़े में सुधार लाने के निर्देश दिए गए। पीएचसी परसा में सिजेरियन प्रसव की व्यवस्था शीघ्र क्रियाशील करने को कहा गया। बैठक में सिविल सर्जन, जिला स्तरीय चिकित्सा पदाधिकारी, सभी एमओआईसी, बीएचएम तथा पार्टनर एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्पष्ट है कि सारण प्रशासन अब स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर आम लोगों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुका है।
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