
Share Market Crash: कमजोर वैश्विक संकेतों और चौतरफा बिकवाली के दबाव में बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आई इस बड़ी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। Bombay Stock Exchange (BSE) पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 454 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले भारी गिरावट को दर्शाता है।
सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट
4 मार्च को बाजार की शुरुआत ही बड़े गैप-डाउन के साथ हुई। BSE Sensex 1,710 अंक लुढ़ककर 78,528 पर खुला, जबकि Nifty 50 476 अंक टूटकर 24,388 के स्तर पर ओपन हुआ। दोनों प्रमुख सूचकांक अपने शुरुआती स्तर के आसपास ही ट्रेड करते दिखे, जिससे साफ संकेत मिला कि बाजार में शुरुआत से ही जबरदस्त दबाव था।
प्री-ओपनिंग सत्र में स्थिति और भी चिंताजनक रही। सेंसेक्स 3,000 अंक से ज्यादा टूटकर 77,906 तक फिसल गया था, वहीं निफ्टी 709 अंक गिरकर 24,156 तक पहुंच गया था।
| टॉप गेनर | LTP (₹) | % बदलाव | टॉप लूजर | LTP (₹) | % बदलाव |
|---|---|---|---|---|---|
| COALINDIA | 434.05 | +1.83% | LT | 3,826.10 | -5.92% |
| INFY | 1,307.40 | +1.44% | TATASTEEL | 203.03 | -3.78% |
| ONGC | 285.85 | +1.29% | TMPV | 357.40 | -3.56% |
| BEL | 456.80 | +0.63% | SHRIRAMFIN | 1,015.60 | -3.51% |
| HCLTECH | 1,371.00 | 0.00% | ADANIPORTS | 1,419.70 | -3.44% |
बड़े शेयरों में बिकवाली, L&T ने बढ़ाया दबाव
निफ्टी के अधिकांश शेयर दबाव में रहे। हैवीवेट L&T में करीब 6% की तेज गिरावट ने बाजार पर सबसे ज्यादा असर डाला। मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में भी कमजोरी रही। टाटा स्टील, श्रीराम फाइनेंस और अदाणी पोर्ट्स जैसे दिग्गज शेयर टॉप लूजर्स में शामिल रहे।
हालांकि चुनिंदा ऑयल, डिफेंस और आईटी शेयरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली। कोल इंडिया, ओएनजीसी, इंफोसिस और BEL जैसे शेयरों ने बाजार को सीमित सहारा दिया, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का रुख कमजोर ही रहा।
ब्रॉड मार्केट में ज्यादा मार
गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.5% से ज्यादा टूट गए। 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने वाले शेयरों की संख्या 600 के पार रही, जो बाजार में व्यापक कमजोरी का संकेत है।
सेक्टरों में चौतरफा गिरावट
ऑटो, ऑयल एंड गैस, PSU बैंक और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में 2% तक की गिरावट दर्ज की गई। आईटी और फाइनेंशियल शेयर भी दबाव में रहे। मेटल और फार्मा सेक्टर में सीमित स्थिरता दिखी, लेकिन निवेशकों की धारणा कमजोर बनी रही।
बढ़ती अस्थिरता से निवेशकों में घबराहट
पिछले पांच कारोबारी सत्रों में India VIX में करीब 50% की उछाल आई है और यह 20 के स्तर पर पहुंच गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स में तेज बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि निवेशकों में अनिश्चितता और डर बढ़ रहा है। आमतौर पर VIX में तेजी तब देखी जाती है जब बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका होती है और निवेशक हेजिंग बढ़ा देते हैं।
आगे की रणनीति
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की अगली दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने, जोखिम सीमित रखने और लंबी अवधि के दृष्टिकोण के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने के संकेत हैं और ट्रेडर्स को बड़े उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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