अब मनमानी नहीं चलेगी! राज्य के सभी व्यवसायिक वाहनों में अनिवार्य होगा वीएलटीडी
तेज रफ्तार और गलत रूट पर चले वाहन होंगे ट्रैक

पटना। राज्य के सभी व्यवसायिक वाहनों में जल्द ही वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना अनिवार्य होगा। परिवहन एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्रवण कुमार ने बड़े और सार्वजनिक वाहनों के परिचालन में आ रही परेशानियों को दुरूस्त करने के संबंध में विभागीय अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में संचालित सार्वजनिक यात्री वाहनों में से मात्र 30-40 प्रतिशत वाहनों में ही ट्रैकिंग उपकरण लगाया गया है। इसके लिए 30 एजेंसियां काम कर रही है, जिनका काम असंतोषजनक है।
वीएलटीडी और आपाताकालीन बटन लगाना अनिवार्य
अधिकारियों ने बताया कि 1 जनवरी 2019 के बाद निर्मित सार्वजनिक वाहनों में मानक के अनुरूप वीएलटीडी और आपाताकालीन बटन लगाना अनिवार्य है। साथ ही पुराने सार्वजनिक वाहनों के पंजीकरण, परमिट, इंश्योरेंस, रिन्यूएल या फिटनेस जांच के समय वीएलटीडी उपकरण लगाया जाना है। इसके अलावा सार्वजनिक वाहन, जिसमें नेशनल परमिट निर्गत किये जाते हैं उन वाहनों में भी अनिवार्य रूप से यान ट्रैकिंग प्रणाली उपकरण लगाया जाना है।
नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई का आदेश
मंत्री श्री कुमार ने कहा कि व्यवसायिक वाहनों में यान ट्रैकिंग प्रणाली नहीं लगाने के कारण वाहनों की निर्धारित गति सीमा से अधिक पर परिचालन किया जाना, वाहनों का अपने निर्धारित मार्ग से भिन्न मार्ग पर चलाया जाना है। अचानक ब्रेक लगने से दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जो सुरक्षा की दृष्टिकोण से उचित नहीं हैं। साथ ही ग्रामीण सड़कों पर इन वाहनों के परिचालन से सड़क क्षतिग्रस्त हो रहे है। उन्होंने इन सभी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि समय सीमा के भीतर निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह है यह वीएलटीडी
यह उपकरण खासतौर से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। इससे वाहन का सटीक लोकेशन और गति की जानकारी निरंतर मिलती रहती है। इसका उपयोग आपात स्थिति में करके कोई महिला एवं बच्चा सुरक्षा प्राप्त कर सकता है। वाहनों में लगा यह खास तरह का उपकरण सीधे परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम से जुड़ा रहेगा। ताकि आपात स्थिति में मानक का पालन करते हुए सीधे मदद मुहैया कराई जा सके।
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- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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