JEE Mains Result 2024 Topper: जेईई मेन में यूपी के हिमांशु यादव ने लहराया परचम

एजुकेशन डेस्क। जेईई मेन सेशन-2 रिजल्ट जारी हो चुका है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने ओवर ऑल, जेंडर वाइज और स्टेट वाइज टॉपर्स की लिस्ट जारी की है. इस बार के जेईई मेन में सबसे अधिक टॉपर तेलंगाना ने दिए हैं. हालांकि ऑल इंडिया नंबर-1 रैंक हासिल करने वाले नीलकृष्ण निर्मल कुमार और रैंक-2 पाने वाले संजय मिश्रा दोनों टॉपर महाराष्ट्र से हैं. जबकि हरियाणा के आरव भट्ट ने पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया है.
इस बार 100 पर्सेंटाइल स्कोर करने वाले कुल 56 कैंडिडेट्स हैं. जिसमें से अकेले 15 तेलंगाना के हैं. हालांकि इन 56 कैंडिडेट्स में सिर्फ दो लड़कियां हैं जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल स्कोर प्राप्त किया है. साथ ही टॉप 10 लिस्ट में कोई लड़की शामिल नहीं है. आइए जानते हैं यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में कौन बना जेईई मेन टॉपर.
पुलिस इंस्पेक्टर हैं यूपी टॉपर हिमांशु के पिता
हिमांशु यादव ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर के साथ ऑल इंडिया 32वीं रैंक हासिल की है. उन्हें ओबीसी कैटेगरी में 7वीं और यूपी में पहली रैंक मिली है. हिमांशु यादव गोरखपुर के रहने वाले हैं. हालांकि उनका परिवार मूलत: गाजीपुर का रहने वाला है. उनके पिता महाराजगंज कोतवाली थाने में इंस्पेक्टर क्राइम के पद पर तैनात हैं. हिमांशु ने इसी साल इंटर की परीक्षा दी है. जिसके रिजल्ट का अभी इंतजार है.
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
- October 1, 2026छपरागंडक का कहर: सारण के 7 प्रखंडों में 25 पंचायत और 102 गांव प्रभावित, 15,400 लोग सुरक्षित निकाले गए
- October 1, 2026छपराHelicopter Air Dropping: सारण के पानापुर में हवाई राहत अभियान, हेलीकॉप्टर से गिराए गए राशन के पैकेट
- September 30, 2026बिहारबिहार में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष हाईड्रोजन नीति तैयार, 30 एजेंडों पर लगी मुहर
- September 30, 2026बिहारबिहार में हाईवे पर पेट्रोलिंग दुरुस्त कर दुर्घटना कम करने की कवायद, मृत्यु दर 50 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य



