Court Room: सारण में दहेज हत्या मामले में महिला अभियुक्त को 7 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा
10 हजार रुपये जुर्माना

छपरा। सारण जिले में दहेज हत्या के एक पुराने मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए एक महिला अभियुक्त को सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर छह माह अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा-4 में एक वर्ष के साधारण कारावास तथा दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा अलग से दी गई है।
यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 श्रीकांत सिंह की अदालत ने मशरक थाना कांड संख्या—112/2008 (दिनांक 08.08.2008), धारा 304(बी) भादवि तथा 3/4 दहेज निषेध अधिनियम के मामले में सुनाया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा निर्धारित की।
गंभीर कांडों पर त्वरित विचारण का निर्देश
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के तहत वर्ष 2025 में सारण जिले में गंभीर व प्रमुख अपराधों के कांडों को चिह्नित कर न्यायालय में त्वरित विचारण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में इस मामले में भी साक्षियों के बयान समय पर कराए गए और विचारण प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया।
गहन अनुसंधान और अभियोजन की प्रभावी पैरवी
इस मामले में अनुसंधानकर्ता द्वारा गुणवत्तापूर्ण व वैज्ञानिक जांच पूरी कर वाद पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से डॉक्टर एवं अनुसंधानकर्ता सहित कुल 7 साक्षियों की गवाही कराई गई। अपर लोक अभियोजक दिनेश्वर कुमार कौशिक ने अभियोजन की ओर से मजबूती से पक्ष रखा, जिसके आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध पाया।
कड़ा संदेश
दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के मामलों में यह फैसला समाज के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि गंभीर मामलों में न्यायालय त्वरित और कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।



