सारण में राजनीतिक रंग में रंगे 7 शिक्षकों पर FIR दर्ज, DM के आदेश पर हुए निलंबित
राजनीतिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर डीएम अमन समीर की बड़ी कार्रवाई

छपरा। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बीच सारण जिला प्रशासन ने निष्पक्षता के मानक को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राजनीतिक गतिविधियों में शामिल पाए गए शिक्षकों के खिलाफ एक के बाद एक कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी अमन समीर के आदेश पर अब तक सात शिक्षकों पर प्राथमिकी दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई की गई है। इन सभी पर आरोप है कि वे किसी न किसी प्रत्याशी या राजनीतिक दल के पक्ष में प्रचार-प्रसार या सार्वजनिक अपील कर रहे थे, जो कि आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।
भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी भी सरकारी सेवक या संविदा कर्मी द्वारा चुनाव अवधि में राजनीतिक दलों के मंच साझा करना, प्रचार करना, सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट डालना या किसी प्रत्याशी के पक्ष में अपील करना आचार संहिता उल्लंघन के दायरे में आता है।
आचार संहिता उल्लंघन में फंसे शिक्षक
- दीपक कुमार, नगर माध्यमिक शिक्षक, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, परसा — एक विशेष प्रत्याशी के पक्ष में वोट देने की अपील करने का आरोप।
- राजेश कुमार तिवारी, अध्यापक, उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पिपारीडीह, दरियापुर — सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट साझा करने का आरोप।
- सुरेंद्र प्रसाद यादव, विशिष्ट शिक्षक, मैकडोनाल्ड उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, देवरिया, तरैया — राजनीतिक प्रचार में भागीदारी का आरोप।
- चन्द्रमोहन कुमार सिंह, पंचायत शिक्षक, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, धेनुकी, जलालपुर — वोट मांगने की अपील करने का आरोप।
- सुरेंद्र कुमार सिंह, प्रधानाध्यापक, मध्य विद्यालय रतनपुरा, छपरा सदर — मीडिया हाउस द्वारा आयोजित “कौन बनेगा मुख्यमंत्री” कार्यक्रम में राजनीतिक चर्चा में भाग लेने का आरोप।
- प्रियंका कुमारी, विशिष्ट शिक्षक, राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छपरा — उक्त कार्यक्रम में राजनीतिक भागीदारी का आरोप।
- धर्मेंद्र कुमार सिंह, विशिष्ट शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय घोघिया उत्तर टोला, मशरक — राजनीतिक पार्टी की जनसभा में भाग लेने का आरोप।
डीएम के आदेश पर एक्शन, एफआईआर और निलंबन
सभी मामलों की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, सारण ने संबंधित प्रखंड या नगर निकाय के नियोजन प्राधिकारों को शिक्षकों के निलंबन का निर्देश जारी किया है। साथ ही मशरक, तरैया, दरियापुर, जलालपुर और छपरा सदर थानों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। सभी निलंबित शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
हर सरकारी कर्मी निष्पक्ष रहे और निष्पक्ष दिखे भी
जिलाधिकारी ने कहा कि आचार संहिता के दौरान सरकारी कर्मचारी या मानदेय कर्मी का किसी भी प्रकार से राजनीतिक गतिविधि में शामिल होना गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी “हर सरकारी कर्मी निष्पक्ष रहे और निष्पक्ष दिखे भी। जो इसका पालन नहीं करेगा, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन की सख्ती जारी
जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि सोशल मीडिया और जनसभाओं की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।अगर किसी अन्य सरकारी या मानदेय कर्मी की राजनीतिक संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी एफआईआर, निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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