Electric Vehicle: बिहार में EV की रफ्तार हुई सुपरफास्ट, पांच साल में 10 गुना बढ़ी Electric वाहनों की खरीद
2020 में 12 हजार से बढ़कर 2025 में 1.23 लाख वार्षिक पंजीकरण के पार

Bihar Electric Vehicle Growth: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का असर अब बिहार की सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। पिछले पांच वर्षों में राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खरीद में करीब 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में जहां केवल करीब 12,400 इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हुए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 1.23 लाख से अधिक हो गई।
वर्तमान में बिहार में 81.68 लाख से अधिक पंजीकृत वाहनों में लगभग 4.83 लाख इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं, जो कुल वाहनों का करीब 6 प्रतिशत है। यह बदलाव न केवल राज्य की परिवहन व्यवस्था में हरित ऊर्जा की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की ओर बिहार के बढ़ते कदम का भी संकेत है।
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हर साल तेजी से बढ़ रहा इलेक्ट्रिक वाहनों का ग्राफ
परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2021 में इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में लगभग 85.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह संख्या 23 हजार के पार पहुंच गई। इसके बाद वर्ष 2022 में ईवी पंजीकरण में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई और आंकड़ा 55,700 से अधिक हो गया।
वर्ष 2023 में राज्य सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू किए जाने के बाद ईवी खरीद को नई गति मिली और पंजीकरण लगभग 90 हजार तक पहुंच गया। वर्ष 2024 में यह बढ़कर 1.12 लाख से अधिक हो गया, जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 1.23 लाख के पार पहुंच गया।
चालू वर्ष 2026 में अब तक राज्यभर में करीब 8 लाख वाहनों का पंजीकरण हो चुका है, जिनमें लगभग 68 हजार इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हैं।
2030 तक शीर्ष ईवी राज्यों में शामिल होने का लक्ष्य
परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। इससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी, जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान वृद्धि दर बनी रही तो वर्ष 2030 तक बिहार देश के शीर्ष इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने वाले राज्यों में शामिल हो सकता है।
नई ईवी नीति से मिल रहा प्रोत्साहन
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति-2026 लागू की है। इसके तहत संचालित ‘पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ के माध्यम से दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर अनुदान दिया जा रहा है।
साथ ही सार्वजनिक, निजी एवं व्यावसायिक संस्थानों में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
तेजी से बन रहा चार्जिंग नेटवर्क
राज्य सरकार पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर सहित प्रमुख शहरों में तेजी से चार्जिंग स्टेशन विकसित कर रही है। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में कम से कम 500 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सके।
डेटा टेबल : बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती रफ्तार
| वर्ष | इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण (लगभग) | प्रमुख उपलब्धि |
|---|---|---|
| 2020 | 12,400 | ईवी अपनाने की शुरुआती गति |
| 2021 | 23,000+ | 85.5% की वृद्धि |
| 2022 | 55,700+ | रिकॉर्ड बढ़ोतरी |
| 2023 | 90,000+ | ईवी नीति लागू होने का असर |
| 2024 | 1,12,000+ | लगातार मजबूत वृद्धि |
| 2025 | 1,23,000+ | पांच वर्षों में करीब 10 गुना वृद्धि |
| 2026* | 68,000+ | (अब तक का पंजीकरण) |
बिहार में ईवी की वर्तमान स्थिति
| विवरण | आंकड़ा |
| कुल पंजीकृत वाहन | 81.68 लाख |
| कुल इलेक्ट्रिक वाहन | 4.83 लाख |
| कुल वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी | लगभग 6% |
| 2026 में अब तक कुल वाहन पंजीकरण | 8 लाख |
| 2026 में अब तक ईवी पंजीकरण | 68 हजार |
| अगले दो वर्षों का लक्ष्य | 500 चार्जिंग स्टेशन |
सरकार की प्रमुख पहल
- इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति-2026 लागू
- दोपहिया, तिपहिया एवं चारपहिया ईवी पर अनुदान
- चार्जिंग स्टेशन स्थापना के लिए वित्तीय सहायता
- ‘पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ संचालित
- 2030 तक बिहार को अग्रणी ईवी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर और हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में जिला प्रतिनिधि के तौर पर सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में संजीवनी समाचार डॉट कॉम में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
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