सारण डीएम ने दत्तक ग्रहण केंद्र किया निरीक्षण, नौनिहालों की हिफाजत पर प्रशासन सतर्क
बायोमैट्रिक हाजिरी से लेकर एक्सपायरी जांच तक

छपरा: सारण जिले में संचालित समाज कल्याण विभाग, बिहार के अधीन विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान का शुक्रवार को जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, निगरानी व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की तथा कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
निरीक्षण के क्रम में डीएम ने संस्थान में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वर्त्तमान में स्थापित कैमरों के ‘ब्लाइंड स्पॉट’ की पहचान कर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया, ताकि परिसर का कोई भी हिस्सा निगरानी से बाहर न रहे। साथ ही पिछले सात दिनों के सीसीटीवी फुटेज की नियमित जांच और सत्यापन सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने सभी बच्चों के बिस्तरों पर सुरक्षा रेलिंग लगाने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी बच्चा अनजाने में नीचे गिरकर चोटिल न हो। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
संस्थान में कार्यरत सभी कर्मियों की उपस्थिति बायोमैट्रिक प्रणाली से दर्ज कराने का निर्देश देते हुए डीएम ने पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
विशेष बच्चों के इलाज की व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि दत्तक ग्रहण केंद्र में रह रही एक विशेष श्रेणी की बच्ची का उपचार वाराणसी में विशेषज्ञ चिकित्सक से कराया जा रहा है। इस पर संतोष व्यक्त करते हुए डीएम ने अन्य दो विशेष श्रेणी की बच्चियों को भी वाराणसी में विशेषज्ञ डॉक्टर से दिखाने का निर्देश दिया, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिल सके।
खाद्य पदार्थ और दवाओं की नियमित जांच
डीएम ने बच्चों को दिए जाने वाले खाद्य एवं पेय पदार्थों तथा दवाओं की एक्सपायरी डेट की समय-समय पर अनिवार्य रूप से जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाल गृह एवं बालिका गृह निर्माण की पहल
सारण जिले में बाल गृह एवं बालिका गृह के निर्माण के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया तेज करने हेतु अंचलाधिकारी नगरा, गड़खा एवं सदर को आवश्यक निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
निरीक्षण के दौरान बाल संरक्षण पदाधिकारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस), स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, काउंसलर एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि संस्थान में रह रहे प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, स्वास्थ्य और समुचित देखभाल प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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