छपरा में ट्रैफिक पर DM का बड़ा एक्शन: शहर 4 जोन में बांटा, लगेंगे ANPR कैमरे
अतिक्रमण हटाने का अभियान तेज

छपरा। शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने और ट्रैफिक को सुचारू बनाने के लिए जिलाधिकारी अमन समीर ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में नगर निगम, पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यातायात में अवरोध बनने वाले सभी अतिक्रमणों को विशेष अभियान चलाकर हटाया जाए और शहर को चार ट्रैफिक जोन में विभाजित कर सुनियोजित तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि श्यामचक–दरोगाराय चौक–थाना चौक, मेथवलिया चौक–साढ़ा ढाला–थाना चौक, नेवाजी टोला–मठिया मोड़ तथा भिखारी ठाकुर चौक–साहेबगंज–थाना चौक को अलग-अलग ट्रैफिक जोन के रूप में विकसित किया जाए। इन प्रत्येक जोन में भीड़भाड़ और जाम के कारणों की पहचान कर तात्कालिक और दीर्घकालिक समाधानों का खाका तैयार करने को कहा गया। इसके लिए नगर आयुक्त, एसडीएम सदर, डीएसपी सदर, ट्रैफिक डीएसपी और जिला परिवहन पदाधिकारी की संयुक्त टीम बनाई गई है, जो योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी निभाएगी।
डीएम ने सभी महत्वपूर्ण ट्रैफिक प्वाइंट पर ट्रैफिक पुलिस की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
ई-रिक्शा संचालन पर सख्ती, तय होगा रूट और संख्या
ई-रिक्शा के नियंत्रित और व्यवस्थित संचालन के लिए पूर्व में कराए गए सर्वे के आधार पर विभिन्न रूटों पर आवश्यकतानुसार ई-रिक्शा की संख्या तय की जाएगी। ई-रिक्शा संचालकों की प्राथमिकता के आधार पर रूट तय होंगे और यदि किसी रूट पर निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन आए तो चयन लॉटरी के माध्यम से होगा। ई-रिक्शा पार्किंग के लिए जगह चिन्हित कर उसके मार्किंग का भी निर्देश दिया गया।
अतिक्रमण हटाने का सख्त आदेश
शहर के मुख्य मार्गों के “राइट ऑफ वे (ROW)” की मापी के आधार पर अवैध अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। डीएम ने एसडीएम सदर और नगर आयुक्त को विशेष अभियान चलाकर सभी अतिक्रमण तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही नगर निगम क्षेत्र के निर्धारित वेंडिंग जोन को शीघ्र विकसित करने को कहा गया।
महत्वपूर्ण स्थानों पर लगेंगे ANPR कैमरे
यातायात नियंत्रण को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ करने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर ANPR (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरा लगाने की प्रक्रिया तेज करने को जिला परिवहन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया।
अतिवृष्टि से हुए जलजमाव का होगा दस्तावेजीकरण
डीएम ने कहा कि 3–4 अक्टूबर को हुई अतिवृष्टि के कारण शहर में उत्पन्न जलजमाव एक अप्रत्याशित स्थिति थी, जिसका डॉक्यूमेंटेशन जरूरी है, ताकि भविष्य की जलनिकासी योजनाओं में इसका उपयोग किया जा सके।
जेपी यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पुलिस लाइन, हवाई अड्डा सहित प्रभावित क्षेत्रों से जलनिकासी को लेकर विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। शांति नगर, उमा नगर, शक्ति नगर और अन्य जलजमाव वाले इलाकों में स्थायी समाधान हेतु कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
बैठक में नगर आयुक्त, एसडीएम सदर, डीएसपी सदर, यातायात डीएसपी, बुडको और आरसीडी के अभियंता सहित नगर निगम के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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