संघर्ष से सिंहासन तक: प्रयागराज की बेटी शक्ति दुबे बनीं UPSC टॉपर

प्रयागराज। प्रयागराज की शक्ति दुबे ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर पूरे देश को गर्व का मौका दिया है। उनकी सफलता न सिर्फ एक सपना साकार होने की कहानी है, बल्कि लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा भी है जो सिविल सेवा में अपना भविष्य देख रहे हैं।
BHU से पढ़ाई, राजनीति विज्ञान चुना वैकल्पिक विषय
शक्ति ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से बायोकेमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने UPSC की तैयारी के दौरान राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।
हार नहीं मानी, असफलता से ली सीख
यह उनका पांचवां प्रयास था। पिछले साल महज 12 अंकों से इंटरव्यू के बाद चूकने वाली शक्ति ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी गलतियों से सीखा, खुद को हर बार बेहतर किया और अंततः रैंक-1 के साथ इतिहास रच दिया।
पिता को सबसे पहले सुनाई खुशखबरी
रिजल्ट देखने के बाद उन्हें शुरुआत में यकीन ही नहीं हुआ। उन्होंने सबसे पहले अपने पिता और फिर मां को फोन कर यह खुशी साझा की। जब संस्थान से कॉल आया और रोल नंबर वेरीफाई हुआ, तब जाकर उन्हें यकीन हुआ कि उनका सपना सच हो चुका है।
भाई की बात बनी सच्चाई
शक्ति बताती हैं कि जब वह पिछली बार चूकी थीं, तो उनके भाई ने कहा था, “भगवान ने तुम्हें रैंक-1 के लिए बचा लिया है।” और आज वह बात सच साबित हो गई।
UPSC के उम्मीदवारों के लिए टिप्स
शक्ति की सलाह है कि तैयारी के दौरान बुकलिस्ट सीमित रखें, सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्नों पर फोकस करें, और खूब मॉक टेस्ट दें ताकि असली परीक्षा का अनुभव मिल सके।
शक्ति दुबे की यह कहानी सिर्फ सफलता की नहीं, बल्कि जुनून, मेहनत, और दृढ़ निश्चय की मिसाल है। प्रयागराज की इस बेटी ने साबित कर दिया कि सच्ची लगन से हर सपना हकीकत बन सकता है।
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