Chhapra News: छपरा-मुजफ्फरपुर नई Railway Line प्रोजेक्ट का ड्रोन से सर्वे, मिलेगा वैकल्पिक रेलमार्ग
गंडक नदी पर पुल का भी हो रहा निर्माण

छपरा: छपरा और मुजफ्फरपुर को सीधे जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित नई रेललाइन परियोजना अब ज़मीन पर उतरने जा रही है। परियोजना के तहत एरियल टोपोग्राफिकल सर्वे, ट्रैफिक स्टडी, इंजीनियरिंग ड्राइंग, मिट्टी जांच और डिजिटल मैपिंग जैसे बिंदुओं पर कार्य की शुरुआत हो गई है। इस सर्वे और अध्ययन कार्य पर लगभग 1.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
कार्य की निगरानी पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण विभाग द्वारा की जा रही है, जबकि सर्वे में अत्याधुनिक डीजीपीएस तकनीक से युक्त ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए एजेंसी आगामी माह से मुजफ्फरपुर और सारण जिलों में कैंप करेगी।
तीन माह में रिपोर्ट तैयार, फिर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी
करीब तीन माह तक चलने वाले सर्वे और स्टडी के पश्चात, तैयार की गई रिपोर्ट पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) को भेजी जाएगी। इसके बाद GM द्वारा रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी जाएगी, जिससे परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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कांटी से पारू होते हुए सारण में प्रवेश करेगी रेललाइन
परियोजना के तहत नई रेललाइन कांटी, मड़वन, सरैया और पारू होते हुए सारण जिले में प्रवेश करेगी। भूमि अधिग्रहण के लिए मुजफ्फरपुर जिले के 25 गांवों से 273 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी। इसके लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय ने 7 अरब 19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पूर्व मध्य रेलवे को भेज दिया है।
85 किमी की होगी नई रेललाइन, 28 किमी की दूरी में होगी बचत
फिलहाल मुजफ्फरपुर से छपरा की दूरी हाजीपुर होकर लगभग 113 किलोमीटर है, लेकिन इस नई रेललाइन के निर्माण के बाद यह दूरी 28 किमी कम होकर लगभग 85 किलोमीटर रह जाएगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि समय और ईंधन की भी बचत होगी।
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गंडक नदी पर पुल का भी हो रहा निर्माण
रेललाइन स्टेट हाईवे-102 के समानांतर बनेगी। इस परियोजना के अंतर्गत रेवाघाट में गंडक नदी के पूर्वी दिशा में पुल निर्माण भी प्रारंभ कर दिया गया है। 16 पिलरों का निर्माण कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है।
इस परियोजना के पूर्ण होते ही उत्तर बिहार के दो प्रमुख शहरों के बीच एक तेज, सीधी और वैकल्पिक रेलमार्ग उपलब्ध हो जाएगा, जो क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा।
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