सारण में अब नहीं चलेगी प्राइवेट स्कूलों की लूट, री-एडमिशन और एनुअल फीस वसूली पर रोक
ड्रेस-किताब के नाम पर वसूली पर बैन

छपरा। सारण में अब निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने की तैयारी पूरी हो गई है। अभिभावकों से री-एडमिशन, ड्रेस, किताब और अन्य मदों के नाम पर हो रही भारी वसूली को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सारण जिले में इन दिनों निजी विद्यालयों में नए सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई प्राइवेट स्कूल अभिभावकों से री-एडमिशन फीस, वार्षिक शुल्क, ड्रेस, किताब, विकास शुल्क और अन्य मदों के नाम पर भारी राशि वसूल रहे हैं।
इतना ही नहीं, कुछ विद्यालयों द्वारा यूनिफॉर्म, किताब, टाई-बेल्ट आदि के लिए तय दुकानों से ही खरीदारी करने का दबाव भी बनाया जा रहा था। इससे अभिभावकों को मजबूरी में महंगे दामों पर सामान खरीदना पड़ रहा था। हर साल यूनिफॉर्म बदलने की प्रवृत्ति ने भी अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी थी।
इन सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं।
सरकार के नियमों का हवाला
डीएम ने अपने आदेश में बताया कि बिहार सरकार द्वारा 22 फरवरी 2019 को लागू किए गए बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 के तहत निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण का प्रावधान है।
इस अधिनियम के अनुसार:
- स्कूलों को किताब, ड्रेस और अन्य सामग्री की सूची वेबसाइट या नोटिस बोर्ड पर जारी करनी होगी।
- अभिभावक कहीं से भी सामान खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे।
- किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य करना दंडनीय अपराध होगा।
स्कूलों के लिए नए निर्देश
डीएम के आदेश के अनुसार सभी निजी विद्यालयों को:
- 15 अप्रैल 2026 तक किताबों और यूनिफॉर्म की सूची सार्वजनिक करनी होगी।
- यूनिफॉर्म में कम से कम 3 साल तक कोई बदलाव नहीं करना होगा।
- फीस संरचना को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
जांच के लिए टीम गठित
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाते हुए सभी निजी स्कूलों की जांच का आदेश दिया गया है। जांच के दौरान इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- स्कूल की मान्यता (CBSE/BSEB)
- फीस संरचना और रसीद
- री-एडमिशन फीस वसूली
- यूनिफॉर्म और किताब की खरीद में बाध्यता
- यूनिफॉर्म में बदलाव
- अभिभावकों की शिकायतें
नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई
यदि किसी विद्यालय में अनियमितता पाई जाती है, तो:
- अवैध रूप से वसूली गई फीस वापस कराई जाएगी
- स्कूल को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा
- मान्यता रद्द या निलंबित की जा सकती है
- प्राचार्य और संचालक पर कानूनी कार्रवाई होगी
प्रशासन की सख्त निगरानी
इस पूरे आदेश के पालन की निगरानी अनुमंडल स्तर पर एसडीओ और जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा की जाएगी।
सारण में यह आदेश अभिभावकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। अब निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी और शिक्षा के नाम पर हो रहे आर्थिक शोषण पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
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