छपरा-बलिया रेलखंड पर रेलवे फाटक संख्या-62 पर रिविलगंज के मुख्य पार्षद ने की अंडरपास बनाने की मांग

छपरा। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के छपरा-बलिया रेलखंड पर रिविलगंज नगर क्षेत्र में गौतम स्थान और रिविलगंज घाट स्टेशन के बीच अवस्थित रेलवे फाटक संख्या-62 के बंद होने से स्थानीय निवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नगर पंचायत के अनुसार, इस निर्णय से वार्ड संख्या-04 दो भागों में बंट जाएगा, जिससे करीब दस हजार लोगों को गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा। इसको लेकर रिविलगंज नगर पंचायत के मुख्य पार्षद अमिता यादव ने पत्र लिखकर रेलवे प्रशासन से अंडरपास बनाने की मांग की है।
रिविलगंज नगरपालिका, जो बिहार की दूसरी सबसे पुरानी नगरपालिका है, ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यहां महर्षि गौतम ऋषि और महर्षि श्रृंगी ऋषि के मंदिर और आश्रम स्थित हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
हाल ही में रेलवे फाटक संख्या-62 से 400 मीटर पूर्व में एक रेल ओवर ब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया गया है। हालांकि, इसका दूसरा छोर लगभग एक किलोमीटर दूर दूसरे गांव में खुलता है, जिससे स्थानीय लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस समस्या का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, आंगनबाड़ी केंद्रों, मंदिर-मस्जिद जाने वालों और छठ पूजा के लिए घाट जाने वाले श्रद्धालुओं पर पड़ रहा है।
नगर पंचायत के मुख्य पार्षद ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि रेलवे फाटक संख्या-62 को पूर्व की भांति चालू रखा जाए या वहां पर एक रेलवे अंडरपास का निर्माण किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
Author Profile

- वर्ष 2015 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय है। दैनिक भास्कर, अमर उजाला और हिन्दुस्थान समाचार में सेवाएं दीं। उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए कई मंचों से सम्मानित। वर्तमान में Publisher & Editor-in-Chief के रूप में निष्पक्ष और जनहितकारी डिजिटल पत्रकारिता में निरंतर सक्रिय है।
Latest entries
छपराMay 27, 2026Chhapra Solar Mela: अपने घर के छत पर लगाइए सोलर, जिंदगी भर पाइए मुफ्त बिजली!
करियर – शिक्षाMay 27, 2026बिहार पुलिस सिपाही भर्ती का फाइनल रिजल्ट जारी, 19,838 अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा
क़ृषिMay 27, 2026डिजिटल प्लेटफार्मों पर नकली एवं अपंजीकृत कीटनाशकों की बिक्री पर कृषि विभाग सख्त
क्राइमMay 27, 2026सारण पुलिस का बड़ा ऑपरेशन: 24 घंटे में 51 अपराधी सलाखों के पीछे भेजे गए







