छपरा में दिखा कलयुगी माँ की क्रुरता, नवजात बच्ची को झाड़ी फेंका, ग्रामीणों ने बचायी जान

छपरा

छपरा। कहते हैं की मां की ममता भगवान के आशीर्वाद जितना ही असर करती है और उससे भी कहीं ज्यादा ताकत रखती है. आमतौर पर हर चीज में मां की ममता की मिसालें दी जाती हैं कि किस तरह मां के प्यार से बच्चा जीवन की हर जंग जीत जाता है. मगर क्या हो जब एक मां की ममता क्रूरता में बदल जाए और वह अपने चंद घंटों पहले जन्मे नवजात को झाड़ियों में फेंक कर फरार हो जाए. ऐसा ही मामला सामने आया है सारण से, जहां झाड़ियों में एक नवजात बच्ची मिली जिसे देखकर लोगों का हृदय ममता से भर गया.

मशरक थाना क्षेत्र के मुन्नी मोड़ के पास मंगलवार की सुबह मशरक छपरा थावे रेलखंड पर रेल लाइन के किनारे एक नवजात बच्ची मिली है। बच्ची के रोने की आवाज सुनने के बाद स्थानीय लोगों ने उसे रेलवे लाइन के किनारे से निकाला गया।जहां बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ और तंदुरुस्त पाई गयी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस समय उन्होंने बच्ची के रोने की आवाज सुनी और फिर जब उन्होंने बच्ची को देखा तो उस समय तक वह रेलवे लाइन के किनारे पड़ी थी। वही मौके पर मानवता का परिचय देते हुए ग्रामीणों ने बच्ची को उठा कर लाए जिसे एक ग्रामीण अपने साथ लेकर रख लिया।